लखनऊ 23 फरवरी (आरएनएस ) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि उसके नाम विकास का एक भी ठोस कार्य दर्ज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार चरम पर है तथा महंगाई और बेरोजगारी से आमजन त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि जनता वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रही है और सत्ता परिवर्तन के बाद ही संविधान तथा लोकतंत्र की वास्तविक भावना बहाल होगी।अखिलेश यादव ने हाल के निर्माण कार्यों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कोंच क्षेत्र में लगभग 23 लाख रुपये की लागत से बनी सीसी सड़क दो माह के भीतर उखडऩे लगी। महोबा के उखरा गांव में 35 लाख रुपये की लागत से निर्मित सड़क की परतें बनते ही उधडऩे लगीं। उन्होंने कहा कि पानी की टंकियां बनते ही गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं की ओर संकेत करती हैं। उनका कहना था कि जब कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं होगी तो गुणवत्ता प्रभावित होना स्वाभाविक है।उन्होंने सड़कों की स्थिति को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे कई बार किए गए, किंतु जमीनी हकीकत अलग है। सड़कों पर गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट आवंटन के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों में देरी या रद्द होने की घटनाओं से युवा निराश हैं। शिक्षकों को सम्मान के बजाय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों पर नए नियमों का दबाव बढ़ रहा है, जिससे असंतोष का माहौल है।कानून व्यवस्था पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की और कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं चिंता का विषय हैं। महिलाओं की सुरक्षा, हिरासत में मौतों और लूट-छेड़छाड़ की घटनाओं पर उन्होंने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र की स्थिति पर प्रश्न उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या घट रही है और अस्पतालों में सुविधाओं की कमी की शिकायतें मिल रही हैं।अखिलेश यादव ने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और आगामी चुनाव में इसका असर दिखाई देगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की तथाकथित दोहरे इंजन वाली सरकारें विभिन्न मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही हैं।

