लखनऊ 23 फरवरी (आरएनएस ) उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 23 फरवरी 2026 को थाना आलमबाग की टीम द्वारा चन्दर नगर, आलमबाग क्षेत्र में महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 20 से 25 महिलाओं और बच्चियों ने सहभागिता की।कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने महिलाओं और छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आपातकालीन सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को महिला उत्पीडऩ से संबंधित शिकायतों के लिए समर्पित हेल्पलाइन 1090, किसी भी आपात स्थिति में एकीकृत सेवा 112, चिकित्सा सहायता के लिए 108, बच्चों की सहायता हेतु 1098 तथा सामान्य सहायता के लिए 1076 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों के उपयोग के बारे में बताया गया। साथ ही उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के उपायों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।डिजिटल सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए उपस्थित महिलाओं को ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, सोशल मीडिया उत्पीडऩ और अन्य साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्हें साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और यूपी कॉप मोबाइल अनुप्रयोग की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से त्वरित सहायता प्राप्त करने, वास्तविक समय में स्थान साझा करने और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।मिशन शक्ति 5.0 के तहत लखनऊ कमिश्नरेट के अंतर्गत जनपद के 54 थानों पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक निरीक्षक, एक अतिरिक्त निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक और एक महिला उपनिरीक्षक की तैनाती की गई है, ताकि थाने पर आने वाली महिलाओं की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशील निस्तारण किया जा सके। यह पहल पुलिस और समुदाय के बीच विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।आलमबाग थाने की महिला पुलिसकर्मियों ने कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को बताया कि सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जागरूकता और आत्मविश्वास से भी जुड़ी है। उन्होंने महिलाओं और बच्चियों को किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीडऩ या अपराध की स्थिति में चुप न रहने और तुरंत पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया।मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित, सजग और सशक्त बनाना है। यह पहल केवल अपराध होने के बाद की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधों की रोकथाम, त्वरित सहायता, कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाने और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। उत्तर प्रदेश पुलिस का यह प्रयास समाज में भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

