हरिद्वार 23 फरवरी(आरएनएस)। डीएम मयूर दीक्षित ने जनशिकायतों के निपटारे को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने सोमवार को अफसरों से कहा कि कोई भी फरियादी एक ही समस्या लेकर दोबारा जनसुनवाई में न पहुंचे। यदि ऐसा पाया गया तो अफसर दो दिन में समाधान करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। जिला कार्यालय सभागार में डीएम की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में 78 शिकायतें दर्ज की गईं और 42 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतें जिम्मेदार विभागों को भेजी गईं। इस दौरान राजस्व, भूमि विवाद, बिजली-पानी, राशन, अतिक्रमण, पंचायतीराज और शिक्षा विभाग से जुड़ीं समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। डीएम ने कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण जरूरी है, वहां आपसी समन्वय के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस बैठक में सीडीओ ललित नारायण मिश्रा, एडीएम दीपेंद्र सिंह नेगी, सीएमओ आरके सिंह, डीडीओ वेद प्रकाश, एसडीएम जितेंद्र कुमार, जिला पंचायतीराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह, मुख्य कोषाधिकारी अजय कुमार, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, ईई-यूपीसीएल दीपक सैनी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, डीएसओ अविनाश भदौरिया, जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरुंग और एआरटीओ निखिल शर्मा मौजूद रहे। सड़कों पर गड्ढे और मुआवजा का इंतजार डीएम दरबार में सैनिक कॉलोनी पथरी के प्रवीण शर्मा ने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास एक कंपनी में रेत-बजरी से भरे वाहनों के संचालन से सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं। जगदीशनगर के सतीश कुमार अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने एचआरडीए से सी-1 भूखंड खरीदा था, जिसका कुल क्षेत्रफल 742.65 वर्गमीटर था। वर्ष 2014 में एनएच-58 के लिए 78.46 वर्गमीटर भूमि अधिग्रहीत की गई, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। लिंक रोड पर पुल क्षतिग्रस्त, जलभराव से परेशानी शिव गंगा विहार कॉलोनी के लोगों ने डीएम को बताया कि लिंक मार्ग पर पुल क्षतिग्रस्त है। बरसाती पानी की निकासी न होने से आवासीय क्षेत्र में जलभराव होता है। गढ़मीरपुर के तेजपाल सिंह ने बताया कि अन्नेकी हेतमपुर स्थित कृषि भूमि तक जाने वाली सीसी रोड पर कुछ काश्तकारों ने बांध बनाकर पानी छोड़ दिया है, जिससे फसल खराब हो गई। हलजोरा इब्राहिमपुर के सचिन सिंह ने घर के बाहर कूड़ा डाले जाने की शिकायत की। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें जल्द निपटाएं इस बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी अफसर तय समयसीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण करें। 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। समीक्षा में बताया गया कि एल-1 स्तर पर 461 और एल-2 स्तर पर 95 शिकायतें लंबित हैं। अफसरों को निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर संतुष्टि सुनिश्चित करें।
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