रायपुर, 24 फरवरी (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ सरकार के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट प्रस्तुत करते हुए महिला हितों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया और विभिन्न योजनाओं के जरिए आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
बजट में ‘मुख्यमंत्री लखपति दीदी भ्रमण योजना’ की शुरुआत की घोषणा की गई है, जिसके तहत राज्य की महिलाओं को धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके विकास को नई दिशा देना है। वहीं ‘रानी दुर्गावती योजना’ के अंतर्गत बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है।
सरकार ने महतारी वंदन योजना के लिए भी बड़ा बजटीय प्रावधान करते हुए वर्ष 2026-27 में 8200 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इस योजना के तहत अब तक 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का वितरण किया जा चुका है और प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाएं इससे लाभान्वित हो रही हैं।
इसके अलावा प्रदेश में महिलाओं के लिए 250 महतारी सदनों के निर्माण की घोषणा की गई है, जिसके लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य और सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाली मितानिनों के लिए मितानिन कल्याण निधि में 350 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं बच्चों और महिलाओं के संरक्षण से जुड़ी मिशन वात्सल्य योजना के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए 800 करोड़ रुपये का बजट भी निर्धारित किया गया है, जिससे पोषण और बाल विकास सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर यह बजट महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है।
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