0- 5 साल की सजा और जुर्माना
दंतेवाड़ा, 25 फरवरी (आरएनएस)। जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता सामने आई है, जहां विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार दो नक्सली मिलिशिया सदस्यों को न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए 5-5 वर्ष के सश्रम कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह मामला वर्ष 2024 का है, जब थाना अरनपुर पुलिस की टीम सुरक्षा ड्यूटी से लौट रही थी। उसी दौरान केशापारा–पोटाली मार्ग पर निर्माण स्थल के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को पुलिस बल को देखकर भागने का प्रयास करते हुए देखा गया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान हुंगा उर्फ गुट्टूम सोड़ी और जोगा कुड़ामी, दोनों निवासी ग्राम पोरदेम, जिला सुकमा के रूप में बताई। दोनों ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़कर मिलिशिया सदस्य के रूप में कार्य करना स्वीकार किया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से टिफिन बम, डेटोनेटर, वायर, सेल, बम फटाखे तथा नक्सली साहित्य बरामद किया गया। इसके बाद दोनों के खिलाफ थाना अरनपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायालय (एनआईए एक्ट) में हुई, जहां अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध पाए गए। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(ख) के तहत दोषी मानते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
इस मामले की विवेचना में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन और विकास कार्यों की सुरक्षा के लिए अभियान लगातार जारी है।
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