० 59 महत्वपूर्ण भवन, सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 427.64 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
० धमतरी सड़क चौड़ीकरण एवं नए मार्गों के निर्माण से यातायात सुगम होगा तथा उद्योग, व्यापार और पर्यटन को गति मिलेगी
धमतरी, 25 फरवरी (आरएनएस)। जिले के समग्र विकास और सुगम आवागमन को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मूल बजट में लोक निर्माण विभाग, संभाग धमतरी के अंतर्गत 59 महत्वपूर्ण कार्यों हेतु 42,764.38 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इन कार्यों में भवन, सड़क एवं पुल निर्माण शामिल हैं, जो जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के कायाकल्प की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। विधानसभावार स्वीकृत कार्य धमतरी विधानसभा क्षेत्र में 19 कार्यों के लिए 8,174.00 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें 4 भवन कार्य (54.00 लाख), 10 सड़क कार्य (6,450.00 लाख) एवं 5 पुल कार्य (1,670.00 लाख) शामिल हैं। कुरूद विधानसभा अंतर्गत 23 कार्यों के लिए 10,165.00 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 2 भवन (865.00 लाख), 17 सड़क (8,290.00 लाख) एवं 4 पुल (1,010.00 लाख) कार्य सम्मिलित हैं। सिहावा विधानसभा क्षेत्र में 17 कार्यों हेतु 24,425.38 लाख रुपये का प्रावधान है, जिसमें 1 भवन (121.16 लाख), 13 सड़क (22,014.22 लाख) एवं 3 पुल (2,290.00 लाख) कार्य शामिल हैं। प्रमुख सड़क परियोजनाएं और जनहित धमतरी सड़क चौड़ीकरण एवं नए मार्गों के निर्माण से यातायात सुगम होगा तथा उद्योग, व्यापार और पर्यटन को गति मिलेगी। रूद्री चौक से सांकरा तक डबल लेन सड़क, अमलतासपुरम से भटगांव मार्ग, गंगरेल से पुरूर मार्ग, पीजी कॉलेज से एनएच-30 बायपास तक संपर्क मार्ग तथा धमतरी रेलवे यार्ड से संबलपुर मार्ग (4.00 किमी) एनएच-30 तक नई कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। इससे मालवाहक वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोडऩे की सुविधा मिलेगी, जिससे शहरी यातायात का दबाव कम होगा। धमतरी से नगरी तक 60 किलोमीटर लंबा राज्य मार्ग क्रमांक-23, जो ओडि़शा एवं कोण्डागांव जिले को जोड़ता है, के उन्नयन से अंतरराज्यीय संपर्क मजबूत होगा। पुरूर-सोरम-खिड़कीटोला-गंगरेल मार्ग के निर्माण से कांकेर सहित अन्य जिलों से आने वाले पर्यटकों को गंगरेल बांध तक न्यूनतम दूरी में पहुंचने की सुविधा मिलेगी। महानदी के रूद्री बैराज से मुख्य नहर के दाहिने किनारे से सांकरा (एनएच-30) तक मार्ग बनने से रायपुर से आने वाले यात्रियों को नगरी रोड, रूद्रेश्वर मंदिर एवं गंगरेल बांध तक सुगम पहुंच मिलेगी। शहरी क्षेत्र में अमलतासपुरम से कलेक्ट्रेट एवं रूद्री तक नया मार्ग बनने से जिला कार्यालय, न्यायालय एवं अन्य शासकीय संस्थानों तक आमजन की पहुंच सरल होगी। पीजी कॉलेज से एनएच-30 बायपास मार्ग बनने से शिक्षा संस्थानों और मुख्य मार्गों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। आदिवासी अंचल और पर्यटन को बढ़ावा सिहावा क्षेत्र में मेघा-सिंगपुर-दुगली मार्ग, सांकरा से घाटुला-जैतपुरी (मुजगहन) मार्ग तथा देवपुर-देउरपारा मार्ग के निर्माण से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों का सीधा संपर्क कुरूद एवं रायपुर से होगा। इससे वनोपज, कृषि उत्पाद एवं स्थानीय संसाधनों के परिवहन में सुविधा मिलेगी। नगरी क्षेत्र में प्रस्तावित फोरलेन सड़क से भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। जिले में 12 उच्चस्तरीय एवं मध्यम पुलों के निर्माण से वर्षा ऋतु में दूरस्थ ग्रामों का संपर्क बाधित नहीं होगा, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं बाजार तक पहुंच में सहूलियत मिलेगी। इन व्यापक अधोसंरचनात्मक पहलों से धमतरी शहर सहित पूरे जिले में आवागमन सुगम होगा, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा पर्यटन स्थलों की पहुंच बेहतर होगी। शासन की यह पहल जिले के संतुलित और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में धमतरी जिले के लिए स्वीकृत अधोसंरचनात्मक कार्य जिले के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं। भवन, सड़क एवं पुल निर्माण के लिए 59 कार्यों पर 42764.38 लाख रुपये का प्रावधान किया जाना शासन की जनहितकारी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण, रेलवे यार्ड से एनएच-30 तक कनेक्टिविटी तथा अमलतासपुरम से कलेक्ट्रेट एवं रूद्री तक नए मार्ग के निर्माण से शहर में यातायात का दबाव कम होगा और आम नागरिकों को शासकीय कार्यालयों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। इसी प्रकार धमतरी-नगरी मार्ग सहित प्रमुख संपर्क मार्गों के उन्नयन से अंतरजिला एवं अंतरराज्यीय आवागमन सुदृढ़ होगा, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। कलेक्टर ने कहा कि सिहावा एवं नगरी क्षेत्र के आदिवासी अंचलों में स्वीकृत सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों से दूरस्थ ग्रामों का संपर्क वर्षभर बना रहेगा। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी तथा स्थानीय उत्पादों के परिवहन में भी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि सभी स्वीकृत कार्यों की प्रक्रिया समय-सीमा में पूर्ण की जाए, गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए तथा निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विकास कार्यों से धमतरी जिला अधोसंरचना के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा और आमजन को सीधा लाभ प्राप्त होगा।
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