चंडीगढ़ 27 Feb, (Rns) : पंजाब सरकार ने हर उस योजना को लागू किया है जिस योजना का लाभ समाज के किसी भी वर्ग को अपेक्षित था। बहुत से लोग पैसों की कमी के कारण तीर्थ यात्रा या धार्मिक स्थलों की यात्रा नहीं कर पा रहे थे, ऐसे ही वंचित लोगों की इच्छा पूर्ति के लिए मान सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की। 2011 जनगणना के अनुसार पंजाब में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 28 लाख 70 हजार थी। लेकिन जनगणना को हुए 14 साल हो चुके हैं। ऐसे में 2011 सेंसस के अनुसार 50 साल से अधिक लोगों की संख्या 64 लाख के करीब थी, जो अब 60 साल के हो चुके होंगे। इस अनुमान के अनुसार पंजाब में अब 64 लाख लोग ऐसे हैं, जो इस स्कीम के फायदे के पात्र बने। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित किया जाए, जिससे वे अपनी धार्मिक आस्थाओं के अनुसार तीर्थ यात्रा कर सकें। पंजाब सरकार का यह कदम वरिष्ठ नागरिकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और सम्मान को दर्शाता है, जिससे वे अपनी धार्मिक इच्छाओं की पूर्ति कर सकें। यह योजना सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि धर्मों की समानता और आपसी प्रेम का जीवंत उदाहरण है। इस योजना के तहत सभी धर्मों के लोगों को पवित्र स्थलों की मुफ्त यात्रा कराई जाती है। श्रद्धालुओं को अमृतसर साहिब, पटना साहिब, हेमकुंट साहिब,, हरिद्वार, मथुरा, और वैष्णो देवी, अजमेर शरीफ आदि की यात्रा करवाई जाती है। हर धर्म का मान-सम्मान बरकरार रखते हुए, पंजाब सरकार ने यह साबित किया कि हर रास्ता एक ही मंजि़ल की ओर जाता है — ईश्वर की ओर। हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की एकता को और जनकल्याण योजनाओं की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए धूरी से ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत की। इस यात्रा के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 16,000 श्रद्धालुओं का चयन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सभी वर्गों, धर्मों, विभिन्न आय समूहों और क्षेत्रों के लोगों के लिए समान रूप से खुली है।
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