सीकर ,28 फरवरी (आरएनएस)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (्रष्टक्च) की झुंझुनू टीम ने पद का दुरुपयोग करने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ अपनी जांच पूरी कर ली है। आरोपी राजेश कुमार, तत्कालीन हेड कांस्टेबल (नंबर 171), पुलिस थाना सदर नीमकाथाना के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम न्यायालय, सीकर में चालान पेश कर दिया गया है। क्या था पूरा मामला? आरोपी राजेश कुमार ने एक परिवादी के भाइयों को पुलिस प्रकरण (संख्या 406/2025) में मुल्जिम नहीं बनाने की एवज में रिश्वत की मांग की थी।
रिश्वत की मांग और सत्यापन: 31 दिसंबर 2025 को सत्यापन के दौरान आरोपी ने 10,000 रुपये रिश्वत प्राप्त की और अतिरिक्त 10,000 रुपये की मांग की।
रंगे हाथों गिरफ्तारी: 1 जनवरी 2026 को एसीबी ने जाल बिछाया। जैसे ही राजेश कुमार ने रिश्वत के 10,000 रुपये अपनी पैंट की जेब में रखे और एसीबी टीम को देखा, उसने घबराहट में पैसे निकालकर थाने की दीवार के ऊपर से फेंक दिए। हालांकि, उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
कठोर धाराओं में पेश हुआ चालान
एसीबी झुंझुनू चौकी द्वारा गहन अनुसंधान के बाद आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाया गया।
कानूनी धाराएं: आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (क्चहृस्) 2023 की धारा 238/62 के तहत आरोप पत्र (ष्टद्धड्डह्म्द्दद्ग स्द्धद्गद्गह्ल) दाखिल किया गया है।
तारीख: यह चालान 26 फरवरी 2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खाकी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। रिश्वत की राशि फेंकने की कोशिश के बावजूद तकनीकी साक्ष्यों और सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को सजा दिलाने की तैयारी पूरी है।
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