सलूंबर/उदयपुर 01 March, (rns) | सलूंबर जिले के झल्लारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बांसवाड़ा-उदयपुर मार्ग पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ एक चलती स्लीपर कोच बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। देखते ही देखते पूरी बस ‘कोयला’ बन गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी 5 यात्री, ड्राइवर और क्लीनर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इंजन से निकला धुआँ और देखते ही देखते मची चीख-पुकार यह घटना सुबह करीब 6:00 बजे गरडा गांव के पास हुई। ‘आशापुरा ट्रैवल्स’ की ‘मुल्तानी सोना’ बस बांसवाड़ा से उदयपुर की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस अपनी रफ्तार में थी तभी अचानक इंजन वाले हिस्से से गहरा काला धुआँ निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत बस को सड़क किनारे रोका और शोर मचाकर यात्रियों को नीचे उतरने के लिए कहा।
जैसे ही यात्री नीचे उतरे, आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि कुछ ही मिनटों में बस का सिर्फ लोहे का ढांचा शेष बचा।
शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह
शुरुआती जांच में हादसे का कारण बस के इंजन में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि स्थानीय संसाधनों से उसे बुझाना नामुमकिन था।
जाम की स्थिति: हादसे के चलते हाईवे पर करीब 2 घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा।
पुलिस की कार्रवाई: झल्लारा थाना अधिकारी जय किशन फुलवारिया टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के लिहाज से ट्रैफिक रुकवाया।
दमकल की मदद: सलूंबर से बुलाई गई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सड़क पर लगा वाहनों का लंबा जाम
जलती हुई बस और उससे उठते धुएं के गुबार के कारण पुलिस ने दोनों तरफ के वाहनों को दूर ही रोक दिया था। इसके चलते हाईवे के दोनों छोरों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में क्रेन की मदद से बस के मलबे को सड़क से हटाकर रास्ता बहाल किया गया।
सावधानी की बात: लंबी दूरी की बसों में अक्सर वायरिंग की खराबी या इंजन के ओवरहीट होने से शॉर्ट सर्किट की घटनाएं होती हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन के वाहनों की ‘फिटनेस’ और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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