० जिला सीईओ नम्रता चौबे ने प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों को ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सेवाओं को प्राथमिकता से पहुंचाने दिए निर्देश
० एक दिवसीय प्रशिक्षण -ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल, वित्तीय एवं जनसेवा सेवाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन हेतु
बीजापुर, 02 मार्च (आरएनएस)। जिला पंचायत सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता चौबे की उपस्थिति में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। जिला पंचायत सीईओ ने सभी वी.एल.ई. को निर्देशित किया कि क्षेत्र के ग्राम पंचायत स्तर पर बैंकिंग सेवाएं अनिवार्य रूप से प्रदान करें। इससे अधिक से अधिक हितग्राहियों को मनरेगा, महतारी वंदन योजना एवं पेंशन योजना आदि का भुगतान सीएससी केंद्रों के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से हितग्राहियों को भुगतान प्राप्त करने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। नियमित रूप से बैंकिंग सेवाएं संचालित करते हुए अधिकतम हितग्राहियों को लाभान्वित करें। बैठक का उद्देश्य सीएससी सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं के विस्तार को सुनिश्चित करना था। राज्य कार्यालय से उपस्थित प्रशिक्षक प्रदीप कुमार, मैनेजर (बीमा सेवा) कहा कि वीएलई के पास वैध सी. एस. सी. आईडी है, वे ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं के आवेदन के समय भुगतान अनिवार्य रूप से सी . एस. सी. वॉलेट के माध्यम से ही करें। साथ ही दूरस्थ ग्राम पंचायतों में कार्यरत वीएलई को अपने-अपने पंचायत स्तर पर ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं प्रारंभ करने हेतु आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों को प्रमाण पत्र संबंधी कार्यों के लिए ब्लॉक कार्यालय न जाना पड़े। बैठक में नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (हृस्नष्ठक्क) के अंतर्गत मत्स्य व्यवसाय से जुड़े हितग्राहियों के पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त एग्री-स्टैक परियोजना के तहत शेष किसानों के पंजीयन, खसरा जोडऩे की प्रक्रिया तथा क्लस्टर आधारित कैंप हेतु वीएलई का रोस्टर तैयार किया गया। महतारी वंदन योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में भी विभागीय अधिकारियों एवं वीएलई के मध्य समन्वय स्थापित किया गया। नकद जमा एवं निकासी जैसी बैंकिंग सुविधाएं ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रशिक्षण दिया गया, जो विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। श्रम विभाग की सेवाओं जैसे श्रमिक पंजीयन, ई-श्रम पंजीयन तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी भी प्रदान की गई। सीएससी के माध्यम से पासपोर्ट एवं पैन कार्ड आवेदन, आईआरसीटीसी आईडी प्राप्त करने, ट्रेन एवं बस टिकट बुकिंग, मोटर, जीवन, पशु एवं फसल बीमा पंजीयन तथा प्रीमियम संग्रहण की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया। बीमा सेवा प्रारंभ करने हेतु सीएससी पोर्टल सेयह बैठक ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल, वित्तीय एवं जनसेवा सेवाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी। परीक्षा पंजीयन की जानकारी दी गई तथा बैंकिंग सेवाएं प्रारंभ करने के लिए वीएलई को प्राधिकरण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में नव नियुक्त सीएससी जिला प्रबंधक, दंतेवाड़ा, मिथलेश साहू भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि जिन वीएलई की आईडी बंद है, उनका भौतिक सत्यापन उपरांत पुन: संचालन किया जा रहा है। साथ ही सभी वीएलई को निर्देशित किया गया कि वे सीएससी जानकारी सुविधा पोर्टल से बैनर का प्रारूप प्राप्त कर अपने केंद्र पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें। इस अवसर पर सभी अटल पंचायत वीएलई को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायत में नियमित रूप से केंद्र पर बैठकर प्रतिमाह न्यूनतम 100 ट्रांजैक्शन डिजिप्लेय और बैंकिंग किओस्क के माध्यम से अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, जिससे ग्रामीणों को अधिकतम डिजिटल एवं जनसेवा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हो सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में जिले के अंतर्गत संचालित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के ग्राम स्तर उद्यमी (वी.एल.ई.) कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन , महात्मा गांधी नरेगा, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग खाद्य विभाग एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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