दुर्ग,02 मार्च (आरएनएस)। दुर्ग जिला में होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। त्योहार के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने, शांति भंग की किसी भी आशंका को रोकने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि होली के दिन मुखौटा लगाकर घूमना पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा, ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान छिपाकर की जाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, होली के दिन शराब की बिक्री पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगी और इसे शुष्क दिवस के रूप में लागू किया जाएगा। आबकारी विभाग को अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और विक्रय पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब बेचने या सेवन कराने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित तहसीलदारों और थाना प्रभारियों को आपसी समन्वय के साथ निगरानी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, तीन सवारी बैठाकर बाइक चलाना और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना भी प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के नाम पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ध्वनि प्रदूषण और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वार्षिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए बिना अनुमति के डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। फूहड़, भड़काऊ तथा किसी धर्म विशेष पर टिप्पणी करने वाले गीतों के प्रसारण पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने आयोजकों से अपील की है कि वे पारंपरिक और मर्यादित तरीके से होली मनाएं, जिससे किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत न हों।
त्रिपाठी
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