0 प्रशासन व विभाग ठेकेदार पर दबाव नहीं बना पा रहे ।
शैलेन्द्र ठाकुर
दंतेवाड़ा, 07 मार्च (आरएनएस)। जिले में बांगाबाड़ी पातररास से गीदम के फारेस्ट नाका तक निर्माणाधीन दंतेवाड़ा बाईपास-2 सड़क पर बालूद में डंकनी नदी पर बन रहे पुल के स्लैब की ढलाई की सुस्त रफ़्तार ने आम जन की चिंता बढ़ा दी है। कुल 5 स्लैब वाले इस उच्च स्तरीय पुल के एक स्पान की ढलाई के लिए सेंट्रिंग कार्य काफी देर से प्रारंभ हुआ है। इस पुल के कुल 5 स्पान में प्रत्येक की लंबाई 23-23 मीटर है। सभी स्पानों की ढलाई पूर्ण होने के बाद ही बाईपास मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी। लेकिन मार्च माह का पहला सप्ताह बीतने तक पहले स्पान के लिए छड़ें बाँधने का काम तक पूरा नहीं हो सका है। जिस कंस्ट्रक्शन कंपनी को यह ठेका मिला हुआ है, उसके द्वारा यहां पूरा संसाधन झोंकने की जगह सीमित मजदूरों से काम चलाया जा रहा है, जिससे पुल निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पा रहा है। ठेकेदार पर लोक निर्माण विभाग का सेतु संभाग और प्रशासन दबाव बनाने में नाकाम रहे हैं। अगर यही सुस्त रफ़्तार जारी रही तो आगामी मानसून काल शुरू होने से पहले ढलाई का काम पूरा नहीं हो सकेगा, जिससे बाईपास-1 का पुल टूटने से शहर के भीतर भारी वाहनों के यातायात का दबाव झेल रहे लोगों को नया पुल बनने तक डेढ़ साल से ज्यादा समय तक और इन्तजार करना पड़ सकता है।
बाढ़ के बाद हुआ था रिव्यू
लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग ने बीते मानसून में आई बाढ़ से पुल के निर्माणाधीन स्तंभों पर पड़े प्रभाव की तकनीकी समीक्षा कराई थी। समीक्षा रिपोर्ट में पुल का मौजूदा स्ट्रक्चर
संतोषजनक पाया गया है, जिसके बाद उच्च स्तर से ढलाई की अनुमति प्रदान की गई। बाढ़ के दौरान ठेकेदार की मशीनरी को नुकसान पहुंचने के कारण कार्य में विलंब हुआ, लेकिन अब निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
ज्ञात हो कि 4 माह पहले 25 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ से दंतेवाड़ा बाईपास-1सड़क का पुल बह गया था, जिससे बायपास 1 पर यातायात बंद हो गया। इसके कारण भारी वाहन नगर के भीतर से गुजर रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढऩे के साथ सड़कों की स्थिति भी खराब हो रही है। बायपास-2 पुल के शुरू होने से दंतेवाड़ा और गीदम को भारी वाहनों के दबाव से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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