मुंबई ,07 मार्च । अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े महायुद्ध और मिडिल ईस्ट में मचे भयंकर कोहराम का सीधा असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में ऐसा खौफनाक भूचाल आया कि पलक झपकते ही निवेशकों की गाढ़ी कमाई के करीब 3 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए। बाजार में बिकवाली की ऐसी भयानक सुनामी आई कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (क्चस्श्व) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1097 अंकों की भारी-भरकम गिरावट के साथ 78,918.90 के स्तर पर औंधे मुंह जा गिरा। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (हृस्श्व) का निफ्टी 50 भी 315 अंकों का गहरा गोता लगाकर 24,450.45 के स्तर पर बंद हुआ। इस ‘ब्लैक फ्राइडेÓ ने शेयर बाजार के दिग्गजों से लेकर आम निवेशकों तक के चेहरों की हवाइयां उड़ा दी हैं।
इस हाहाकार और ऐतिहासिक गिरावट के पीछे की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में भड़की युद्ध की वह खतरनाक चिंगारी है, जिसने अब एक महाविनाश का रूप ले लिया है। दरअसल, पिछले वीकेंड अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर एक बेहद विध्वंसक हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इस हाई-प्रोफाइल और सनसनीखेज मौत के बाद बदले की आग में जल रहे ईरान ने खाड़ी देशों पर ताबड़तोड़ जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। इस महायुद्ध के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई का सबसे बड़ा और अहम रास्ता माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली आपूर्ति बुरी तरह बाधित हो गई है, जिससे विदेशी निवेशकों में भारी दहशत का माहौल पैदा हो गया है और वे भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर भाग रहे हैं।
मिडिल ईस्ट के इस खौफनाक तनाव ने कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आग लगा दी है, जो रातों-रात 80 डॉलर प्रति बैरल के खतरनाक स्तर को पार कर गईं। हालांकि, शुक्रवार सुबह फ्यूचर्स ट्रेड में मामूली सी राहत जरूर दिखी जब ब्रेंट क्रूड 2.4 प्रतिशत गिरकर 83.21 डॉलर और डब्लूटीआई क्रूड 3 प्रतिशत लुढ़ककर 78.54 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर, युद्ध और महंगाई के खौफ से पूरे हफ्ते अमेरिकी शेयर बाजार भी लहूलुहान रहे। हालांकि शुक्रवार को अमेरिकी फ्यूचर्स में हल्की स्थिरता नजर आई, जहां डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में बेहद मामूली बढ़त दर्ज की गई। लेकिन ग्लोबल मार्केट से मिल रहे इन कमजोर संकेतों और क्रूड ऑयल के झटके ने भारतीय शेयर बाजार की पूरी तरह से कमर तोड़कर रख दी है।
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