नई दिल्ली, 07 मार्च (आरएनएस)। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) ने 9 से 11 मार्च तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है। इस प्रदर्शन में देशभर से पेंशनधारक शामिल होकर कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) में तत्काल सुधार और न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग उठाएंगे। यह प्रदर्शन NAC के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत के नेतृत्व में होगा और यह संसद के चल रहे बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान आयोजित किया जा रहा है। पेंशनधारक इस प्रदर्शन के माध्यम से देश के विधायकों और नीति-निर्माताओं का ध्यान लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
वर्तमान में देशभर में लगभग 81 लाख पेंशनधारक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित ईपीएस-95 योजना पर निर्भर हैं। सेवा के दौरान 30 से 35 वर्षों तक पेंशन फंड में योगदान देने के बावजूद, इस योजना के तहत मिलने वाली औसत मासिक पेंशन मात्र लगभग 1,171 रुपये है। केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों, सहकारी तथा निजी क्षेत्र की संस्थाओं, मिलों और मीडिया प्रतिष्ठानों से जुड़े लगभग 81 लाख पेंशनधारक, ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले अपनी आवाज उठा रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत के नेतृत्व में यह संगठन पिछले नौ वर्षों से लगातार आंदोलन चला रहा है—जिसमें सड़कों पर प्रदर्शन से लेकर नीति-निर्माताओं के समक्ष अपनी मांगें रखने तक के प्रयास शामिल हैं। समिति पेंशनधारकों को न्याय दिलाने और अपनी चार प्रमुख मांगों को लागू कराने के लिए संघर्ष कर रही है। पेंशनधारकों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं: -1- न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रति माह के साथ महंगाई भत्ता (DA) दिया जाए। 2- पेंशनधारकों और उनके जीवनसाथियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। 3- सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के निर्णय के अनुसार सभी पात्र पेंशनधारकों को उच्च पेंशन का लाभ समान रूप से दिया जाए। 4- जो पेंशनधारक ईपीएस-95 योजना से वंचित रह गए हैं, उन्हें ₹5,000 प्रति माह पेंशन प्रदान की जाए।
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