पटना 08 March, (Rns): बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बेटे Nishant Kumar को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसी बीच Harinarayan Singh ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद बनने वाली नई सरकार में निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने पर सर्वसम्मति बन चुकी है।
नालंदा जिले के हरनौत से विधायक हरिनारायण सिंह ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में यह फैसला लिया गया कि नई सरकार में निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि निशांत जल्द ही औपचारिक रूप से Janata Dal (United) में शामिल होंगे। सिंह के अनुसार, संवैधानिक पद संभालने के लिए विधानमंडल का सदस्य होना जरूरी होता है। इसलिए संभावना है कि निशांत कुमार अप्रैल में होने वाले विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में निर्वाचित होकर विधान परिषद के सदस्य बन सकते हैं। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि वे अपने पिता के इस्तीफे से खाली हुई सीट से ही चुनाव लड़ें।
विधायक हरिनारायण सिंह ने यह भी कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नई सरकार बनने के तुरंत बाद निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा या कुछ समय बाद। इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उचित समय पर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर चल रही अटकलों पर फिलहाल कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि बैठक में केवल निशांत कुमार के बारे में ही चर्चा हुई थी।
मुख्यमंत्री पद को लेकर भी अटकलें
गौरतलब है कि निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चा ऐसे समय में तेज हुई है जब उनके पिता नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने और राज्यसभा जाने की खबरें सामने आई हैं। दिलचस्प बात यह है कि नीतीश कुमार लंबे समय से वंशवादी राजनीति के आलोचक रहे हैं, लेकिन अब उनके बेटे के सक्रिय राजनीति में आने की संभावनाओं ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
इस बीच बिहार में सत्तारूढ़ National Democratic Alliance (एनडीए) में भी नई राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। चर्चा है कि मुख्यमंत्री का पद अब Bharatiya Janata Party को मिल सकता है, जबकि जदयू दो उपमुख्यमंत्री बनाने और गृह मंत्रालय अपने पास रखने की मांग कर सकती है। वर्तमान में बिहार में भाजपा के दो नेता Samrat Choudhary और Vijay Kumar Sinha उपमुख्यमंत्री हैं, जबकि गृह विभाग की जिम्मेदारी सम्राट चौधरी के पास है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

