देहरादून,08 मार्च (आरएनएस)। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की ओर से रविवार को एक दिवसीय अत्याधुनिक सर्जिकल कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्राचार्या प्रो. डॉ. गीता जैन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में पीजी चिकित्सकों, इंटर्न और एमबीबीएस छात्रों को आधुनिक शल्य चिकित्सा (सर्जरी) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का मुख्य आकर्षण एनिमल मॉडल पर आंतों को जोडऩे का उन्नत अभ्यास रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राणी ऊतकों पर किया गया यह अभ्यास वास्तविक मानवीय ऑपरेशन के बेहद करीब होता है, जिससे युवा डॉक्टरों को जटिलताओं को समझने का सीधा अनुभव मिलता है। छात्रों को अत्याधुनिक उपकरणों के साथ टांके लगाने (स्यूचरिंग) और गांठ बांधने (नॉटिंग) तकनीक की भी बारीकियां सिखाई गईं।श्री महंत इंद्रेश अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे.पी. शर्मा, डॉ. प्रदीप सिंघल, सर्जिकल सोसाइटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. आरके टम्टा और डॉ. शैलेंद्र तिवारी ने सर्जरी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और नवीनतम तकनीकों पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए। प्राचार्या डॉ. गीता जैन ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने के लिए ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण मील का पत्थर साबित होते हैं। इस दौरान एमएस डॉ. आरएस बिष्ट, डीएमएस डॉ. एनएस बिष्ट, डॉ. विनम्र मित्तल, डॉ. आरपी खंडूरी आदि मौजूद रहे।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

