देहरादून,09 मार्च (आरएनएस)। प्रदेश में परिवार नियोजन सेवाओं को और अधिक आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट (त्वचा के नीचे लगाए जाने वाले गर्भनिरोधक) विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों की क्षमता वृद्धि कर सुरक्षित गर्भनिरोधक सेवाओं को प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचाना है। मुख्य प्रशिक्षक के रूप में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त निदेशक डॉ. रोली सेठ, प्राचार्य डॉ. गीता जैन और एम्स ऋषिकेश की डॉ. ललितिका ने प्रतिभागियों को सैद्धांतिक व व्यावहारिक जानकारी दी। इस आधुनिक तकनीक को लगाने और निकालने की विधि, मरीज का चयन, परामर्श प्रक्रिया और संभावित जटिलताओं के प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इसमें उत्तराखंड के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रशिक्षण लिया। डॉ. जैन ने बताया कि यह विधि महिलाओं को कई वर्षों तक अनचाहे गर्भ से सुरक्षा प्रदान करती है।
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