रायपुर, 10 मार्च 2026:(आरएनएस) छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए वर्ष 2026-27 का बजट पारित कर दिया गया। विभागीय मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद सदन ने कुल 492 करोड़ 20 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी। इसमें पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रुपये, संस्कृति विभाग के लिए 98 करोड़ 20 लाख रुपये तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने बताया कि राज्य की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को विकसित कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल करने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
=पर्यटन विभाग के बजट में 55 प्रतिशत की वृद्धि=
पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में करीब 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने पर्यटन अधोसंरचना के विकास और नए पर्यटन सर्किट तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया है।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास, स्वच्छता, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए श्री रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस योजना के माध्यम से अब तक 52 विशेष ट्रेनों से लगभग 44 हजार श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जा चुका है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण योजना) के लिए 5 करोड़ रुपये और छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना के लिए भी बजट में राशि रखी गई है।
=पर्यटन विकास के लिए नई योजनाएं=
राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीन नई योजनाओं के लिए 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन – 100 करोड़ रुपये
शक्तिपीठ भ्रमण योजना – 5 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना – 5 करोड़ रुपये
इसके अलावा मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य के नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन यात्रा पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए 3 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
=पर्यटन स्थलों के विकास पर जोर=
राज्य के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर, जशपुर के मयाली और बगीचा क्षेत्र, तथा कैलाश गुफा जैसे स्थलों का विकास किया जाएगा।
नया रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं बस्तर और सरगुजा टूरिज्म सर्किट के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
सिरपुर को बौद्ध थीम आधारित हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
=संस्कृति और पुरातत्व के लिए 98 करोड़ से अधिक का बजट=
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के लिए 98 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट रखा गया है। इसके तहत राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और लोक कलाओं के प्रोत्साहन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नया रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में राजकीय मानव संग्रहालय, छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय, अभिलेखागार और भारत भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक रूप से 2 करोड़ 70 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर साहित्यकारों और कलाकारों को दी जाने वाली मासिक सहायता 2 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दी गई है।
=धार्मिक स्थलों के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये=
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस राशि से मंदिरों के जीर्णोद्धार, धर्मशालाओं के निर्माण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा राजिम कुंभ, गिरौदपुरी मेला, बस्तर दशहरा, जशपुर दशहरा और डोंगरगढ़ नवरात्रि मेला जैसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों को भी बजट से सहायता दी जाएगी।
सरकार द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा और सिंधु दर्शन यात्रा के लिए भी श्रद्धालुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

