बीजापुर,14 मार्च (आरएनएस)। संतोष कुमार आदित्य, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दंतेवाड़ा के मार्गदर्शन में तथा रोजमीन राजेश खाखा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बीजापुर के नेतृत्व में 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर खण्डपीठ क्रमांक 01 बीजापुर के पीठासीन अधिकारी रोजमीन राजेश खाखा ने खण्डपीठ सदस्य एस.एकटी अधिवक्ता एवं ईश्वरी झाड़ी अधिवक्ता की उपस्थिति में आपराधिक एवं प्री-लिटिगेशन से संबंधित राजीनामा योग्य प्रकरणों का प्ली बारगेनिंग एवं वीकारोक्ति के आधार पर निराकरण किया।तालुका विधिक सेवा समिति बीजापुर के समन्वय से आयोजित इस लोक अदालत में पक्षकारों के बीच आपसी समझौता कराकर आपराधिक के 05 प्रकरण तथा पराकाम्य लिखत अधिनियम के 01 प्रकरण का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इसके अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े 1003 ट्रैफिक प्रकरण तथा आबकारी विभाग के 38 प्रकरणों का भी निराकरण किया गया। इस प्रकार कुल 1047 प्रकरणों में शासन के पक्ष में 1,38,300 रुपये की राशि राजसात की गई।इसी प्रकार जलकर, विद्युत बिल, दूरसंचार विभाग के बकाया बिल तथा बैंक ऋण से संबंधित प्री-लिटिगेशन के 601 प्रकरणों में आपसी समझौते के आधार पर 77,719 रुपये की राशि का निराकरण किया गया। वहीं जिले के राजस्व न्यायालयों द्वारा खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारा, नामांतरण एवं अन्य राजस्व से जुड़े कुल 7,574 प्रकरणों का निराकरण किया गया।लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण आपसी समझौते के आधार पर किया जाता है, जिसमें दोनों पक्षों की जीत होती है तथा मामले का अंतिम समाधान हो जाता है। इससे न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की संख्या में भी कमी आती है।कार्यक्रम के दौरान व्यवहार न्यायालय बीजापुर के कर्मचारी पीताम्बर सिंह मण्डावी (प्रस्तुतकार), शिवशंकर तोगर (स्टेनोग्राफर), गौरैया गोटा (निष्पादन लिपिक), सुनील कुमार मौर्य (वाहन चालक), नारायण पिटला तथा डोमेन्द्र कुमार साहू एवं कैलाश चन्द्रवंशी (कोर्ट मोहर्रिर) भी उपस्थित रहे।
०००

