०निराश्रित गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय, कबीरधाम जिले में 36 गौधाम होंगे संचालित
कवर्धा,14 मार्च (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम से राज्य में निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण और उनके समुचित व्यवस्थापन के उद्देश्य से गौधाम योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले में भी गौधाम की शुरुआत की गई है। जिले में कुल 36 गौधाम का संचालन किया जाएगा, जहां निराश्रित गौवंश की देखभाल और संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।इस अवसर पर कबीरधाम जिले के शहरी गौधाम (स्वर्ण जयंती गौधाम) लोहारा रोड स्थित परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, गौपालक और किसान वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला विजय पाटिल, जनपद सदस्य रूपेश चंद्रवंशी, राम किनकर वर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष पवन जायसवाल, उमंग पांडेय, खेमराम साहू, बिहारी राम धुर्वे, आशीष देवांगन सहित बड़ी संख्या में किसान और अधिकारी उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए गौधाम योजना की शुरुआत कर रही है। यह योजना निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में प्राचीन काल से ही गौ माता को अत्यंत पूजनीय माना गया है। हमारे धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में गौ को माता का दर्जा दिया गया है और सदियों से समाज में गौ सेवा और गौ संरक्षण की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलती जीवनशैली और शहरीकरण के कारण कई स्थानों पर गौवंश निराश्रित होकर सड़कों पर घूमते दिखाई देते हैं, ऐसे में गौवंश के संरक्षण, देखभाल, भोजन, उपचार और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करना समाज और शासन दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। साहू ने कहा कि गौधाम की स्थापना से निराश्रित गौवंश को सुरक्षित आश्रय मिलेगा, जहां उनके लिए चारा, पानी, चिकित्सा और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाएगी। जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट ने कहा कि गौ माता से हमें दूध सहित अनेक उपयोगी उत्पाद प्राप्त होती हैं। उनके संरक्षण के लिए गौधाम का संचालन किया जा रहा है, जहां गौवंश के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों और किसानों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहयोजना गौधन को संरक्षित करने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ को माता का दर्जा दिया गया है। गौवंश का संरक्षण और संवर्धन हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि गौधाम योजना के माध्यम से गौवंश की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा लिया गया यह निर्णय गौधन के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे समाज और किसानों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गौ माता से प्राप्त प्रत्येक वस्तु मानव जीवन के लिए उपयोगी है, इसलिए पूरे समाज को गौवंश के संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए और इस दिशा में सामूहिक प्रयास करना चाहिए। गौवंश के पोषण आहार के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधानगौधाम योजना का मुख्य उद्देश्य निराश्रित, घुमंतू और जप्त किए गए गौवंश पशुओं का संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार द्वारा गौधामों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके तहत गौवंश के पोषण आहार के लिए पहले वर्ष 10 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु, दूसरे वर्ष 20 रुपये, तीसरे वर्ष 30 रुपये और चौथे वर्ष से 35 रुपये प्रतिदिन की सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। साथ ही चरवाहों को 10,916 रुपये तथा गौसेवकों को 13,126 रुपये प्रति माह मानदेय प्रदान किया जाएगा। गौधामों में चारा विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रति एकड़ 47 हजार रुपये प्रतिवर्ष की सहायता प्रदान की जाएगी। अधिकतम 5 एकड़ भूमि तक 2.35 लाख रुपये वार्षिक सहायता का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 गौवंश को रखने की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस योजना से सड़कों और गांवों में घूमने वाले निराश्रित पशुओं की समस्या में कमी आएगी तथा गौवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
०००
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

