मेरठ1 16 मार्च (आरएनएस)। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के किशनपुरी में बीमारी से परेशान अविवाहित व्यापारी अतुल जैन (56) ने जहर खाकर और उस्तरे से हाथ की नस काटकर जान दे दी। पुलिस का कहना है कि पैरालाइसिस के कारण अतुल जैन की दोनों टांगें काम नहीं कर रहीं थीं। वह अक्सर गिरकर घायल हो जाते थे और खुद को लाचार समझने लगे थे। मौके से मिले सुसाइड नोट में लिखा- मैं जीना नहीं चाहता, मैं अपनी मौत का खुद जिम्मेदार हूं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की है।
किशनपुरी निवासी अमित जैन ने बताया कि उनके बड़े भाई अतुल जैन कबाड़ी बाजार स्थित दुकान में रस्सी सहित अन्य सामान बेचते थे। उनका विवाह नहीं हुआ था। दोनों भाई किशनपुरी स्थित मकान में रहते थे। उनका कर्मचारी बड़े भाई को स्कूटी पर बैठाकर दुकान पर ले जाता था। शनिवार रात वह किशनपुरी स्थित मकान के बाहरी हिस्से वाले कमरे में मौजूद थे। रात लगभग साढ़े दस बजे उनका बेटा प्रफुल्ल मंदिर से लौटा तो देखा अतुल जैन बेड पर लेटे थे। उनके हाथ से खून रिस रहा था। मुंह से झाग निकल रहे थे। प्रफुल्ल के शोर मचाने पर अन्य परिजन भी पहुंच गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रिक्शे से बाजार जाकर खुद लाए उस्तरा
अमित ने बताया कि मौके पर एक नया उस्तरा पड़ा मिला। बाद में पता चला कि उनके भाई दोपहर में रिक्शे में सवार होकर बाजार गए थे और वहीं से उस्तरा खरीदकर लेकर आए थे। पिछले कुछ दिन में अतुल कई बार दुकान पर बैठे-बैठे, स्कूटी से और घर में गिर पड़े थे। इससे उनकी चोट भी लगी थी। वह परेशान हो गए थे।
वर्ष 1993 में हुआ था हमला
अमित का कहना है कि वर्ष 1993 में अतुल जैन पर ईद के दिन देहली गेट के पास अज्ञात लोगों ने हमला किया था। आरोपियों का पता नहीं चल पाया था। हमले में सिर में चोट लगी थी। इसी हादसे के बाद उनका स्वास्थ्य खराब होता चला गया। बाद में उनके दोनों टांगों में पैरालाइसिस हो गया था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में बीमारी से परेशान होकर व्यापारी के जान देने की बात सामने आई है। सुसाइड नोट की भी जांच कराई जाएगी।
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