मेरठ 16 मार्च (आरएनएस)। गैस सिलेंडर के संकट के चलते आए दिन नई-नई समस्याएं सामने आ रही हैं। अब नमो भारत कारिडोर के लिए भूमिगत स्टेशन व सुरंग तैयार करने वाली कार्यदायी कंपनी एफकांस की कैंटीन बंद हो गई है। जिसके कारण संबंधित श्रमिकों, कर्मचारियों व इंजीनियरों के सामने जलपान व भोजन की समस्या गहराने लगी है। कंपनी ने जिला पूर्ति अधिकारी से सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग की है।
नमो भारत कारिडोर का कार्य भले ही पूर्ण हो गया है लेकिन उससे संबंधित लगातार निगरानी व मरम्मत आदि कार्य के लिए कार्यदायी कंपनियों की सीमित संख्या में स्टाफ की तैनाती हमेशा रहेगी। सुरंग तैयार करने वाली कंपनी के लगभग 50 कर्मचारियों का समूह दिल्ली रोड पर रहता है।
उसके लिए कैंटीन संचालित होती है ताकि जलपान व दोनों समय का भोजन उपलब्ध हो सके। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का समय-समय पर भ्रमण भी होता रहता है। संबंधित कैंटीन के लिए कामर्शियल सिलिंडर खरीदा जाता था, अब इस कैंटीन को कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। कंपनी ने रेस्टोरेंट पर भोजन की व्यवस्था की योजना बनाई लेकिन रेस्टोरेंट पहले से ही समस्या में हैं।
जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायत पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीएम
जिलाधिकारी डा. वीके सिंह ने कहा कि जनपद में रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। आम जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायत पर ऐसे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने तीनों तहसीलों तथा शहर में पांच संयुक्त टीमें गठित की हैं।
प्रत्येक टीम में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी के साथ खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी, पेट्रोलियम कंपनियों के सेल्स अधिकारियों तथा बाट माप विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। इन टीमों को गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने तथा ऐसी शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
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