बिलासपुर 17 मार्च (आरएनएस) डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के बीच बिलासपुर पुलिस ने युवाओं को सतर्क करने की मुहिम तेज कर दी है। “चेतना अभियान” के तहत मॉडल आईटीआई कोनी में आयोजित जागरूकता सत्र में छात्रों को साइबर ठगी के खतरों और उससे बचने के व्यावहारिक उपायों से रूबरू कराया गया, जिससे वे खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।
कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार और एसीसीयू से उप निरीक्षक हेमंत आदित्य ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध की बारीकियों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि आज के समय में डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, एक्सटॉर्शन, फेक कॉल और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और इनका शिकार अक्सर युवा ही बनते हैं।
सत्र के दौरान छात्रों को यह भी समझाया गया कि ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया का गलत उपयोग न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाता है, बल्कि मानसिक तनाव का कारण भी बन सकता है। विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि किसी भी स्थिति में OTP, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक या कॉल से तुरंत दूरी बनाएं।
पुलिस अधिकारियों ने आपात स्थिति में 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करने और साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी विस्तार से बताई। छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाते हुए सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए, जिससे सत्र और अधिक प्रभावी बन गया।
बिलासपुर पुलिस की यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि जागरूकता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। यदि युवा सतर्क और सजग रहेंगे, तो डिजिटल दुनिया के खतरे काफी हद तक कम किए जा सकते हैं।

