मुंबई ,18 मार्च । पिछले कई तीन दिनों की गिरावट के बाद हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सत्र में तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ।
इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.75 प्रतिशत या 568 अंक बढ़कर 76,070.84 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी50 0.74 प्रतिशत या 172.35 अंक बढ़कर 23,581.15 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने जहां 75,826.68 पर खुलकर 76,304.26 के उच्चतम स्तर को छुआ, वहीं निफ्टी ने 23,493.20 पर खुलकर 23,656.80 का उच्चतम स्तर छुआ।
निवेशकों ने 2.78 लाख करोड़ कमाए
बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन आज बढ़कर 433.35 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन 430.57 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तरह क्चस्श्व में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 2.78 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है। या दूसरे शब्दों में कहें तो निवेशकों की संपत्ति में करीब 2.78 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
मंगलवार के सत्र में समग्र बाजार में तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप में 1.02 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी ऑटो (2.11 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (2.82 प्रतिशत) सबसे आगे रहे, जबकि निफ्टी आईटी (0.97 प्रतिशत) और निफ्टी एफएमसीजी (0.75 प्रतिशत) में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। सत्र के दौरान इंडिया वोलेटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) 9.12 प्रतिशत गिरकर 19.63 पर आ गया और अंत में यह 8.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19.79 पर बंद हुआ।
निफ्टी50 इंडेक्स में इटरनल, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी लाइफ, बीईएल, मारुति सुजुकी, एलएंडटी, भारती एयरटेल और ओएनजीसी के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली और ये टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं इसके विपरीत विप्रो, सिप्ला, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, इंफोसिस, आईटीसी और बजाज फाइनेंस के शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर निफ्टी 23,600 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो यह 23,800 से 24,000 के स्तर तक जा सकता है। हालांकि, यह रेंज आगे चलकर मजबूत रेजिस्टेंस (बिकवाली का दबाव) भी बन सकती है। दूसरी तरफ, अगर बाजार ऊपर के स्तर पर टिक नहीं पाता है तो यह फिर से 23,500 तक आ सकता है और इसके नीचे 23,300-23,350 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूती दिखी है, लेकिन अभी यह पूरी तरह से ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फिलहाल एक रिकवरी (सुधार) का दौर है, जिसमें चुनिंदा सेक्टरों में ही ज्यादा खरीदारी हो रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते आगे भी बाजार में सावधानी के साथ हल्की तेजी का रुख बना रह सकता है।
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