नई दिल्ली ,18 मार्च । देश के करोड़ों एलपीजी (रुक्कत्र) गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार ने गैस कनेक्शन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आधार आधारित ई-केवाईसी (द्ग-्यङ्घष्ट) को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब हर घरेलू गैस उपभोक्ता को बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन कराना ही होगा। अगर कोई उपभोक्ता ऐसा करने में लापरवाही बरतता है, तो उसके गैस सिलेंडर की बुकिंग में रुकावट आ सकती है और खाते में आने वाली सब्सिडी पर भी हमेशा के लिए ब्रेक लग सकता है।
फर्जी कनेक्शन और ब्लैक मार्केटिंग पर लगेगी लगाम
सरकार द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम के पीछे कई अहम कारण छिपे हैं। बाजार में गैस की बढ़ती मांग के बीच सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सही और जरूरतमंद लोगों तक ही गैस की सप्लाई सुचारू रूप से पहुंचे। इसके अलावा, इस डिजिटल प्रक्रिया से फर्जी और डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों का पूरी तरह से खात्मा होगा और गैस की ब्लैक मार्केटिंग पर भी रोक लगेगी। दरअसल, विभागीय जांच में कई ऐसे मामले सामने आ रहे थे जहां लोग एक से ज्यादा कनेक्शन लेकर अवैध रूप से सब्सिडी का फायदा उठा रहे थे। इसी फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने यह डिजिटल वेरिफिकेशन अभियान शुरू किया है।
एजेंसी के चक्कर से मुक्ति, मोबाइल से ही पूरी होगी प्रक्रिया
उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस ई-केवाईसी को पूरा कराने के लिए उन्हें गैस एजेंसी के धक्के खाने या लंबी लाइनों में लगने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने स्मार्टफोन से ही महज कुछ मिनटों में इस प्रक्रिया को आसानी से पूरा कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपनी गैस कंपनी का आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड करके अपने कंज्यूमर या मोबाइल नंबर से लॉग-इन करना होगा। इसके बाद ऐप में दिए गए ई-केवाईसी या आधार ऑथेंटिकेशन विकल्प पर जाना होगा। चेहरे से वेरिफिकेशन के लिए आपको ‘आधार फेस आरडीÓ (्रड्डस्रद्धड्डड्डह्म् स्नड्डष्द्गक्रष्ठ) ऐप भी डाउनलोड करना पड़ सकता है, जिसके जरिए स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए आपका बायोमेट्रिक या फेस स्कैन पूरा हो जाएगा। इस पूरी मुफ्त प्रक्रिया को शुरू करने से पहले अपना आधार कार्ड, एलपीजी कंज्यूमर नंबर, गैस एजेंसी का नाम, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट की जानकारी अपने पास जरूर तैयार रखें।
ई-केवाईसी न कराने पर उठानी पड़ सकती है भारी परेशानी
एलपीजी ई-केवाईसी का सीधा मतलब यह है कि गैस कनेक्शन धारक की पहचान को डिजिटल तरीके से सत्यापित किया जा रहा है ताकि गैस कंपनियों का रिकॉर्ड अपडेट रहे और सब्सिडी सीधे सही व्यक्ति के बैंक खाते में ही जाए। अगर कोई उपभोक्ता इस अहम प्रक्रिया को अनदेखा करता है या पूरा नहीं करता है, तो उसे भविष्य में कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं के गैस सिलेंडर की बुकिंग में भारी दिक्कतें आ सकती हैं और उनकी सब्सिडी के पैसे खाते में आने में देरी हो सकती है। इतना ही नहीं, रिकॉर्ड अपडेट न होने की स्थिति में कुछ मामलों में सरकार द्वारा उपभोक्ता की गैस सब्सिडी को अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है, इसलिए बिना किसी देरी के इस प्रक्रिया को पूरा कर लेना ही समझदारी है।
00
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

