नई दिल्ली, 18 मार्च (आरएनएस)। “भारत में फार्मास्यूटिकल अनुसंधान को तेज करने में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर एक सम्मेलन मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MERI), जनकपुरी में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम SIA-India और MERI के अंतरिक्ष अध्ययन विभाग के सहयोग से हुआ। सम्मेलन में अंतरिक्ष, अनुसंधान और फार्मा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया और इस बात पर चर्चा की कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से दवा अनुसंधान को कैसे तेज किया जा सकता है। मेरी समूह के उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल ने उद्घाटन संबोधन में फार्मा अनुसंधान में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं के लिए इस क्षेत्र में आवश्यक कौशल विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
डीएसएस-MERI के मुख्य मार्गदर्शक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) पी. जे. एस. पन्नू (सेवानिवृत्त) ने अपने संबोधन में बताया कि अंतरिक्ष तकनीक फार्मा क्षेत्र के लिए नए अवसर खोल सकती है। उन्होंने इसरो द्वारा प्रस्तावित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के संभावित उपयोगों पर भी चर्चा की। सम्मेलन का समापन श्री रवि ऐलावाधी के समापन संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य बिंदुओं का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि अंतरिक्ष वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और फार्मा उद्योग के बीच सहयोग को और मजबूत करना आवश्यक है, ताकि भारत में नवाचार को बढ़ावा मिल सके।

