New Delhi 18 march, (Rns) /- ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण केवल गैस सेवाएं ही नहीं प्रभावित हुई हैं, बल्कि इससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों के व्यापार पर भी गहरा असर पड़ा है। कमर्शियल गैस की उपलब्धता सीमित किए जाने के कारण बड़े होटलों-रेस्टोरेंट में सेवाएं सीमित की गई हैं। रेहड़ी-पटरी पर कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करनी पड़ी हैं। इनका असर होटल-बैंक्वेट हॉल की बुकिंग पर भी पड़ा है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि ईरान-अमेरिका युद्ध जल्द समाप्त नहीं होता है तो इससे अकेले दिल्ली के व्यापारियों को 5000 करोड़ का नुकसान हो सकता है।
केंद्र और राज्य सरकारें लगातार इस बात के लिए आश्वासन दे रही हैं कि गैस की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है और लोग घबराहट में ज्यादा खरीद (पैनिक बाईंग) न करें। गैस की होर्डिंग कर कालाबाजारी करने वाले अनेक लोगों पर कार्रवाई भी की गई है। होर्मुज के रास्ते गैस के जहाज भारत पहुंचने के समाचार से भी लोगों को राहत मिली है, लेकिन इसके बाद भी युद्ध के 19वें दिन भी कुकिंग गैस की सामान्य सप्लाई अब तक सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
लोगों का दावा है कि ब्लैक मार्केट में सामान्य घरेलू सिलेंडर तीन हजार रुपये और कमर्शियल सिलेंडर पांच हजार रुपये तक में उपलब्ध कराया जा रहा है। लेकिन छोटे व्यापारियों का कहना है कि इस कीमत पर गैस खरीद कर वे कोई मुनाफा नहीं कमा सकते, ऐसे में उन्होंने अपनी दुकानें बंद करना ही बेहतर समझा है। व्यापारियों की संस्था सीटीआई का दावा है कि अनेक क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत दुकानें या तो बंद हो गई हैं, या उन्हें अपना कामकाज सीमित करना पड़ा है।

