सहारनपुर 19 march, (Rns)- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक ऐसी शादी इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जिसने दहेज प्रथा के खिलाफ समाज को एक मजबूत संदेश दिया है। यहां एक फौजी परिवार ने परंपराओं से अलग हटकर सादगी और संस्कारों को प्राथमिकता देते हुए बिना दहेज के विवाह संपन्न कराया।
शगुन में सिर्फ 1 रुपए और नारियल
ग्राम मीरपुर निवासी सेवानिवृत्त सैनिक चौधरी ओमपाल सिंह के पुत्र मेजर मधुर चौधरी का विवाह ब्रज क्षेत्र की कैप्टन ज्योति सौरोत के साथ संपन्न हुआ। इस विवाह की सबसे खास बात यह रही कि दूल्हे पक्ष ने वधू पक्ष से केवल एक रुपया और एक नारियल ही शगुन के रूप में स्वीकार किया, जबकि आमतौर पर ऐसी शादियों में बड़े लेन-देन की परंपरा देखी जाती है।
“संस्कारों से बड़ी कोई संपत्ति नहीं”
दूल्हे के पिता चौधरी ओमपाल सिंह ने बताया कि उनके पास कई प्रतिष्ठित परिवारों से रिश्ते आए थे, लेकिन उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि विवाह दहेज रहित होगा। वहीं, दूल्हे की मां ने भावुक होकर कहा कि असली समृद्धि धन-दौलत में नहीं, बल्कि एक संस्कारी बहू में होती है, जो दो परिवारों को जोड़ती है।
बचपन का संकल्प बना जीवन का निर्णय
मेजर मधुर चौधरी ने बताया कि छात्र जीवन में दहेज के कारण होने वाले विवादों और उत्पीड़न की खबरें उन्हें गहराई से प्रभावित करती थीं। उसी समय उन्होंने संकल्प लिया था कि वे जीवन में कभी दहेज नहीं लेंगे। सेना में अधिकारी बनने के बाद उन्होंने अपने इस फैसले को परिवार के सामने रखा, जिसे माता-पिता ने पूरे दिल से स्वीकार किया।
समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा
यह विवाह न सिर्फ स्थानीय क्षेत्र बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। मेजर मधुर ने युवाओं से अपील की है कि वे दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ आगे आएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का साहस दिखाएं। यह अनोखी शादी आज के दौर में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है, जो यह साबित करती है कि बदलाव की शुरुआत व्यक्तिगत निर्णयों से ही होती है।

