बीजापुर, 25 अप्रैल (आरएनएस)। जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली इंद्रावती नदी इन दिनों अवैध रेत खनन की चपेट में है। भोपालपटनम ब्लॉक के अटुकपल्ली पंचायत क्षेत्र में नदी के बीच अस्थायी सड़क बनाकर बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी, खासकर तेलंगाना के ठेकेदार यहां सक्रिय होकर रेत को सीमा पार ले जा रहे हैं और करोड़ों का अवैध कारोबार किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस अवैध गतिविधि से न केवल नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि स्थानीय युवाओं को काम नहीं मिल रहा, जबकि बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
मामले में सबसे अहम सवाल यह उठ रहा है कि नदी के बीच सड़क निर्माण और भारी मशीनों के संचालन जैसी गतिविधियां प्रशासन की नजर से कैसे बची रहीं। क्या यह सब प्रशासन की जानकारी में हो रहा था या जिम्मेदारों ने लापरवाही बरती?
हालांकि सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। भोपालपटनम के एसडीएम यशवंत नाग ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन की मदद से नदी के बीच बनाई गई अस्थायी सड़क को हटवा दिया। उन्होंने बताया कि खनिज विभाग से सीमित अनुमति तो थी, लेकिन पंचायत स्तर पर नियमों का उल्लंघन कर अवैध तरीके से सड़क बनाकर उत्खनन किया जा रहा था, जिसे तत्काल बंद कराया गया।
अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या सख्त कार्रवाई होती है और क्या इंद्रावती जैसी महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा को अवैध दोहन से बचाया जा सकेगा या नहीं।
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