मुंगेली 12 जून (आरएनएस)अगर ये जांच नहीं होती तो बच्चों की जान खतरे में पड़ सकती थी। नए शिक्षण सत्र से ठीक पहले मुंगेली में स्कूल बसों की सख्त जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। 29 स्कूल बसों की फिटनेस और सुरक्षा जांच में 10 बसें जरूरी मानकों पर फेल मिलीं। किसी में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं था, किसी में जीपीएस गायब मिला, तो कई बसों में अग्निशमन यंत्र तक नहीं पाए गए। लापरवाही सामने आते ही परिवहन विभाग और मुंगेली पुलिस ने संबंधित स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को फटकार लगाते हुए तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश जारी कर दिए।
जिला कलेक्टर कुन्दन कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में एसएनजी कॉलेज मैदान में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त विशेष अभियान चलाया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 16 सुरक्षा मानकों के आधार पर हर स्कूल बस की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कई बसों में सुरक्षा उपकरणों की कमी सामने आई, जबकि जांच में शामिल नहीं होने वाली बसों के संचालकों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।
अभियान केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बस चालकों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया। उनका ब्लड प्रेशर, शुगर और आंखों की जांच की गई ताकि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा कोई जोखिम न रहे। साथ ही सभी स्कूल संचालकों से बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की अपील की गई, जिससे हर सफर सुरक्षित और निगरानी में रहे।
परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने साफ कर दिया है कि स्कूल बसों की जांच अब नियमित होगी। सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बच्चों की सुरक्षा में एक छोटी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए अब नियम तोड़ने वालों पर प्रशासन की नजर पहले से ज्यादा सख्त रहेगी।


