विधायक व उप मेयर अतीन घोष ने प्रशासनिक विफलता को स्वीकारा
कोलकाता 20 मार्च (आरएनएस)। महानगर कोलकाता के सरकारी आरजी कर अस्पताल में आज लिफ्ट में फंसने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों और परिचितों ने अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
मृतक की पहचान अरूप बंद्योपाध्याय के रूप में हुई है, जो कोलकाता के उत्तरी उपनगर दमदम के निवासी थे। जानकारी के अनुसार उनका बेटा अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भर्ती है। बताया गया है कि शुक्रवार सुबह अरूप बंद्योपाध्याय अपने बेटे से मिलने ट्रॉमा केयर सेंटर जा रहे थे, जो अस्पताल की एक इमारत की पांचवीं मंजिल पर स्थित है। इसी दौरान वह लिफ्ट में फंस गए। परिजनों का आरोप है कि लिफ्ट बीच में ही अटक गई और वह करीब एक घंटे तक उसमें फंसे रहे। परिजनों का कहना है कि घटना के समय वहां कोई लिफ्ट संचालक मौजूद नहीं था और न ही अस्पताल का कोई कर्मचारी समय पर मदद के लिए पहुंचा। आरोप है कि समय पर सहायता मिलती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और सभी शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक अस्पताल की ओर से मौत के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। पुलिस परिजनों को समझाकर अस्पताल परिसर से हटाने का प्रयास कर रही है। इस बीच डीसी उत्तर कोलकाता दिनेश कुमार भी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। पुलिस ने फिलहाल अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले में तृणमूल कांग्रेस विधायक अतिन घोष ने प्रशासनिक विफलता स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई। अतिन घोष, जो अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के सदस्य भी हैं, आज सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर सोमवार को रोगी कल्याण समिति की आपात बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें प्रारंभिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्थानीय प्रशासन की विफलता से इनकार नहीं किया जा सकता और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी पर्याप्त नहीं है।
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