लखनऊ ( आरएनएस ) 20 मार्च, 2026उत्तर प्रदेश ने डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की अभिनव पहल ‘कौशल दर्पणÓ को गोवटेक अवाड्र्स 2026 में ‘एआई एवं डेटा विश्लेषण फॉर पब्लिक गुडÓ श्रेणी में प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान प्रदान किया गया, जिसे अतिरिक्त निदेशक आशीष कुमार ने मिशन निदेशक पुलकित खरे की ओर से ग्रहण किया।प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को सशक्त करती है, जिसमें तकनीक के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोडऩे और शासन को अधिक पारदर्शी व परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। इकोनॉमिक टाइम्स समूह और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस मंच पर ‘कौशल दर्पणÓ को सार्वजनिक हित में तकनीक के प्रभावी उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण माना गया।
कौशल दर्पणÓ पहल प्रशिक्षण से लेकर रोजगार तक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करती है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपस्थिति, लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि और रोजगार की स्थिति का रीयल-टाइम विश्लेषण संभव हो सका है। इससे नीतिगत निर्णय अधिक सटीक और प्रभावी बन रहे हैं, जिसका सीधा लाभ युवाओं को मिल रहा है।यह प्लेटफॉर्म एक स्मार्ट गवर्नेंस टूल के रूप में विकसित हुआ है, जिसने कौशल विकास प्रणाली को पूरी तरह डेटा आधारित बना दिया है। अब एआई और डेटा विश्लेषण के माध्यम से यह स्पष्ट हो पाता है कि किस जिले में किस प्रकार के कौशल की मांग है और किस क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।कौशल दर्पणÓ की खासियत इसका एकीकृत मॉडल है, जो सरकार, प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत को एक मंच पर जोड़ता है। जिला स्तर पर कौशल अंतर का विश्लेषण, रोजगार अवसरों की जानकारी और प्रशिक्षण संस्थानों की श्रेणीबद्ध व्यवस्था ने गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा दोनों को बढ़ावा दिया है।मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि पहले कौशल संबंधी आंकड़ों की कमी एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब एआई आधारित इस प्रणाली से रीयल-टाइम डेटा उपलब्ध हो रहा है, जिससे प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सका है। यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रही है।
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