जनपद में मिशन शक्ति अभियान को मिली नई उड़ान
पुलिस अधिकारी के साहस को हर कोई कर रहा सलाम
बस्ती 20 मार्च (आरएनएस) कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों, तो अनुभव की कमी कभी आड़े नहीं आती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जनपद में पहली बार तैनात हुई डिप्टी एसपी स्वर्णिमा सिंह ने। अपनी पहली ही पोस्टिंग में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए, उन्होंने न केवल अपराधियों के छक्के छुड़ाए, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान को भी धरातल पर सार्थक कर दिखाया है। पुलिस सर्किल रुधौली व हर्रेया में कई अनसुलझे आपराधिक मामलों को सुलझाया। तमाम अपराध की घटनाओं का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभाई है। मूलत: कानपुर नगर की रहने वाली 2021 बैच की पीपीएस अफसर डिप्टी एसपी स्वर्णिमा सिंह की पुलिस ट्रेनिंग के बाद जनपद बस्ती में पहली तैनाती 2024 में हुई। पहले सीओ पुलिस लाइन, सीओ रुधौली का दायित्व संभाल चुकी हैं। वर्तमान में वह सीओ हर्रैया के साथ नोडल अफसर के रूप में यक्ष एप, एएचटीयु, परिवार परामर्श केंद्र व मिशन शक्ति 0.5 के दायित्व का निर्वहन कर रहीं हैं। आम तौर पर नई तैनाती में अधिकारी क्षेत्र को समझने में समय लेते हैं, लेकिन इन्होंने अपनी त्वरित कार्यप्रणाली से यह साबित कर दिया कि वर्दी की जिम्मेदारी उनके लिए सर्वोपरि है।
मिशन शक्ति के तहत महिलाओं में जगाया विश्वास
सिर्फ बहादुरी ही नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अधिकारी का विशेष योगदान रहा है। मिशन शक्ति के तहत उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। एंटी-रोमियो स्क्वाड के साथ मिलकर सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाया। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं से संवाद कर उन्हें बिना डरे अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।
समाज पर प्रभाव
क्रिमनिल अधिवक्ता भारतेंदु ने कहा कि एक महिला अधिकारी को इतनी सक्रियता से काम करते देख क्षेत्र की बेटियों में भी खाकी के प्रति सम्मान और कुछ कर गुजरने का जज्बा बढ़ा है। उनके इस रुख से न केवल अपराधों पर लगाम लगी है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का एक नया सेतु भी बना है।
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