बीजापुर, 22 मार्च (आरएनएस)। जिले में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 85 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने ‘बुनियादी साक्षरताÓ प्रशिक्षण पूरा करने के बाद परीक्षा में हिस्सा लिया। यह पहल ‘उल्लास – नव भारत साक्षरता कार्यक्रमÓ के तहत की जा रही है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप संचालित है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे लोगों को पढऩा-लिखना सिखाना है, जो कभी औपचारिक शिक्षा से नहीं जुड़ पाए।
इससे पहले भी 272 आत्मसमर्पित नक्सली इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर चुके हैं और अब सामान्य जीवन जी रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत इन लोगों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि उनका उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा से दूर कर शिक्षा के जरिए समाज की मुख्यधारा से जोडऩा है। साथ ही सक्रिय माओवादियों से भी आत्मसमर्पण कर शांतिपूर्ण जीवन अपनाने की अपील की जा रही है।
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