रुद्रपुर,22 मार्च (आरएनएस)। दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस में शामिल होकर वापस लौटे प्रदेश अध्यक्ष नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि आदिवासियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। राज्य में आदिवासियों को जंगलों से मिलने वाले हक हकूक नहीं मिल रहे हैं। विकास कार्यों में खर्च होने वाली ट्राइवल सब प्लान की धनराशि खर्च नहीं हो रही है। जबकि एनडी तिवारी सरकार में कुल बजट की 25 प्रतिशत धनराशि आबादी के अनुपात में इन वर्गों के उत्थान में खर्च होती थी। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस की दिल्ली में 18-19 मार्च को संपन्न दो दिवसीय बैठक में प्रतिभाग कर वापस लौटे आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नानकमत्ता विधायक राणा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर सहमति जताई गई, जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार से आदिवासियों को अपने अधिकार लेने होंगे। सरकार स्वेच्छा से कभी इन अधिकारों को बहाल नहीं करेंगी। उन्होंने बताया बैठक में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, एससी-एसटी एवं ओबीसी के कोऑर्डिनेटर भी शामिल हुए। प्रदेश अध्यक्ष विधायक राणा ने कहा आदिवासियों के सरकारी विभागों की नौकरियों में बैकलाक नहीं भरे जा रहे हैं, 1967 से चल रहे जनजातियों की शिक्षा के लिए खोले गए आश्रम पद्धति विद्यालयों का उच्चारण नहीं हो रहा है, भाजपा द्वारा संचालित जनजाति वनवासी कल्याण आश्रम के नाम पर आदिवासी पीढ़ी को भ्रमित कर उन्हें उनके मुद्दों से भटकाया जा रहा है। बैठक में देश के विभिन्न प्रदेशों के आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारीयों के साथ ही प्रदेश उपाध्यक्ष रामनरेश राणा सितारगंज उत्तराखंड ने प्रतिभाग किया।
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