दुर्ग, 23 मार्च (आरएनएस)। अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में देश के किसान संगठनों ने आज अमेरिकी आर्थिक साम्राज्यवाद के खिलाफ प्रदर्शन किया, देश के किसान संगठनों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने भी दुर्ग में गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के संयोजक एड राजकुमार गुप्त ने कहा कि आज के दिन ही साम्राज्यवादी हुकूमत के खिलाफ देश की आजादी के लिए संघर्षरत शहीद भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गई थी। आज किसानों को साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष करना पड़ रहा है, उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था जवाबी हमलों के बाद खाड़ी में 22 दिन से युद्ध चल रहा है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खेती किसानी के सभी उपकरण डीजल से चलते हैं और डीजल नहीं आ रहा है इसके अलावा खाद के बिना किसानी करना संभव नहीं है।
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन के अध्यक्ष आई के वर्मा ने कहा कि ट्रेड डील के अनुसार अमेरिका से मक्का, सोयाबीन, कपास, दलहन दूध और डेयरी उत्पादों के शून्य शुल्क में आयात होने के कारण उत्पादक किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। किसानों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष उत्तम चंद्राकर ने भगतसिंह और गांधी जी का स्मरण करते हुए कहा कि जिस तरह गांधी जी ने विदेशी कपड़ों की होली जलाई थी, नमक सत्याग्रह किया था वैसे ही किसानों को साम्राज्यवाद की लूट के खिलाफ संघर्ष करना होगा। प्रदर्शनकारी किसानों केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि वह डील में किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है, किसानों ने अमेरिकी साम्राज्यवाद के खिलाफ नारेबाजी किया और खाड़ी युद्ध बंद करने और ट्रेड डील रद्द करने की मांग की। आज के प्रदर्शन में परमानंद यादव, बाबूलाल साहू, मेघराज मढ़रिया, बद्री प्रसाद पारकर, राजेन्द्र साहू, संजय ताम्रकार, जैतराम, अंगद साहू आदि शामिल रहे।
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