चित्रकूट 23 मार्च (आरएनएस)। उच्च न्यायालय किशोर न्याय समिति इलाहाबाद के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश के मार्गदर्शन में राजेन्द्र प्रसाद भारती मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, इला चैधरी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा विदिशा भूषण प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड किशोर अपचारी जेल में निरूद्ध न हो के सम्बन्ध में जिला कारागार का निरीक्षण किया गया।
जेल में अवस्थित बच्चा बैरक का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जेल में निरूद्ध किशोर बन्दियों से उनकी उम्र तथा जेल निरूद्धि दिनांक का अवलोकन किया गया। बाल अपचारियों से सम्बन्धित रजिस्टर का अवलोकन किया गया। पाया गया कि कोई भी 18 वर्ष से कम आयु का बन्दी जिला कारागार में निरूद्ध नहीं है। दौरान निरीक्षण जेल की स्वीकृत क्षमता, उनमें कैदियों की कुल संख्या, जेल में भीडभाड का प्रतिशत, भीडभाड की समस्या की देखरेख की गयी। जिला कारागार की स्वीकृत क्षमता 770 बन्दियों की है। वर्तमान में कारागार में कुल 477 बन्दी निरूद्ध पाये गये। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा बन्दियों से उनकी समस्याओं तथा परिवार वाले मुलाकात के लिए आते हैं कि नही आदि जानकारी ली गयी। समस्त बन्दियों द्वारा बताया गया कि परिवार वाले मुलाकात के लिये निरन्तर आते हैं। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बन्दियों से उनके मुकदमें की पैरवी करने के लिए वकीलों की उपलब्धता के सम्बन्ध में भी जानकारी ली। अवगत कराया गया कि यदि किसी के मुकदमें की पैरवी करने के लिए उनके पास वकील नहीं तो ऐसी स्थिति में जेल में अवस्थापित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से सम्पर्क कर अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं।

