नई दिल्ली ,25 मार्च,(आरएनएस)। दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री विजय बघेल के अतारांकित प्रश्न संख्या- 5430 के उत्तर में आज, लोक सभा में केन्द्रीय रेल, सूचना और प्रसारण एवं इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव ने मरौदा रेलवे स्टेशन के विकास के संबंध में विस्तृत जानकारी दी ।
केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्थित मरौदा स्टेशन पर उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था, मूत्रालय शौचालय, बैठने की व्यवस्था आदि सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
मरौदा स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकास हेतु चिन्हित किया गया है। मरौदा स्टेशन पर विकास कार्य तेज गति से शुरू किया गया हैं। कॉकोर्स और प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्लेटफॉर्म सतह संबंधी कार्य, पार्किंग एवं पहुंच मार्ग का संरचनात्मक कार्य पूरा कर लिया गया है। कॉकोर्स एवं प्रतीक्षालय, शौचालय, परिचलन क्षेत्र, प्रवेश/निकास द्वार, प्रकाश व्यवस्था, जन उद्घोषणा प्रणाली तथा बुकिंग काउंटर के परिष्करण कार्य शुरू दिए गए हैं।
इसके अलावा, मरौदा रेलवे स्टेशन से रेलवे फाटक तक स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
भारतीय रेल में स्टेशनों का विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण एक सतत और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है तथा इस संबंध में कार्य परस्पर प्राथमिकता और निधियों की उपलब्धता के अध्यधीन, आवश्यकतानुसार किए जाते हैं। किसी स्टेशन का विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण कार्य स्टेशन की श्रेणी/स्थिति/संभाले गए यातायात आदि के आधार पर किया जाता है।
रेल मंत्रालय ने दीर्घकालिक आधार पर स्टेशनों के विकास के लिए ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ शुरू की है।
इस योजना में रेलवे स्टेशनों को बेहतर बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार करना और उनका चरणों में कार्यान्वयन करना शामिल हैं। मास्टर प्लान में निम्नलिखित शामिल हैं:
• स्टेशन और परिचलन क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार
• स्टेशन का शहर के दोनों भागों के साथ एकीकरण
• स्टेशन भवन में सुधार
• प्रतीक्षालय, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, पेयजल बूथों में सुधार
• यात्री यातायात के अनुरूप अधिक चौड़े ऊपरी पैदल पुल/एयर कॉनकोर्स की व्यवस्था
• लिफ्ट/स्वचालित सीढिय़ों/रैंप की व्यवस्था
• प्लेटफॉर्म की सतह और प्लेटफॉर्म पर कवर में सुधार/व्यवस्था
• ‘एक स्टेशन एक उत्पादÓ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क की व्यवस्था
• पार्किंग क्षेत्र, मल्टी-मोडाल एकीकरण
• दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं
• बेहतर यात्री सूचना प्रणाली
• प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर आवश्यकता को देखते हुए एक्ज़ीक्यूटिव लाउंज, व्यावसायिक बैठकों के लिए निर्दिष्ट स्थान, भूसुदर्शनीकरण आदि की व्यवस्था।
इस योजना में आवश्यकतानुसार, चरणबद्ध रूप से और यथाव्यवहार्य दीर्घकालिक और पर्यावरण अनुकूल समाधान, गिट्टीरहित रेलपथ की व्यवस्था आदि और दीर्घावधि में स्टेशन पर सिटी सेंटर के निर्माण की भी परिकल्पना की गई है।
अभी तक, अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकास के लिए 1338 रेलवे स्टेशनों को चिह्नित किया गया है जिनमें से 32 स्टेशन छत्तीसगढ़ में स्थित हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकास के लिए चिह्नित स्टेशनों के नाम निम्नानुसार हैं:
राज्य स्टेशनों की संख्या स्टेशनों के नाम
छत्तीसगढ़ 32 अकलतारा, अंबिकापुर, बैकुंठपुर रोड, बालोद, बाराद्वार, बेल्हा, भानुप्रतापपुर, भाटापारा, भिलाई, भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, बिलासपुर, चांपा, दल्लीराजहरा, डोंगरगढ़, दुर्ग, हथबंध, जगदलपुर, जांजगीर नैला, कोरबा, महासमुंद, मंदिर हसौद, मारौदा, निपानिया, पेंड्रा रोड, रायगढ़, रायपुर जंक्शन, राजनंदगांव, सारोना, तिल्दा-नेओरा, उरकुरा, उसलापुर
स्टेशन जहां कार्य पूरा किया जा चुका है:
छत्तीसगढ़ राज्य में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य तीव्र गति से शुरू किया गया है। अब तक 05 स्टेशनों का कार्य पूरा हो चुका है।
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