हस्तशिल्प स्टॉल्स पर ₹75 लाख से ज्यादा की बिक्री, राजीविका और रूडा बने आकर्षण का केंद्र
नई दिल्ली, 25 मार्च (आरएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख और बहुप्रतीक्षित आयोजनों में शुमार राजस्थान उत्सव-2026 ने अपनी विशिष्ट और अविस्मरणीय छाप छोड़ते हुए बुधवार को भव्य समापन किया। बीकानेर हाउस परिसर में आयोजित इस 11 दिवसीय उत्सव में जहां एक ओर राजस्थान की समृद्ध कला, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव का आकर्षक संगम देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों के लजीज स्वाद ने आगंतुकों को मंत्रमुग्ध करते हुए व्यापक सराहना अर्जित की। राज्य की अतिरिक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती अंजू ओमप्रकाश ने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुभारंभ किया गया राजस्थान उत्सव अपनी पूरी अवधि में राजधानी वासियों के आकर्षण का केन्द्र बना रहा। पूरे उत्सव में महिलाओं, पुरूषों के साथ-साथ हर उम्र के बच्चों के मनोरंजन का विशेष ध्यान रखा गया। बीकानेर हाउस का प्रांगण मेले की आभा से आलोकित रहा और पूरा परिसर ‘राजस्थानमय’ नजर आया। 11 दिवसीय इस उत्सव ने न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया, बल्कि राज्य के कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों के लिए आर्थिक अवसर भी सृजित किए। संयुक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती रिंकू मीना ने बताया कि उत्सव में मनोरंजन की श्रंखला में राजस्थानी व्यंजनों का भी अलग ही स्थान दिखा। राजस्थान के प्रसिद्ध व्यंजन दाल-बाटी-चूरमा, प्याज की कचौरी, मूंग की दाल का हलवा, मिर्ची बड़ा आदि के स्वाद ने दिल्ली वासियों को चांदनी चौक के स्वाद को भूलने को मजबूर कर दिया। इन सभी स्टाॅल्स पर व्यंजनों के स्वाद के लिए लोग प्रतीक्षा में खड़े दिखाई दिए। आवासीय आयुक्त कार्यालय में अतिरिक्त निदेशक श्रीमती शर्मिला गुप्ता ने बताया कि पूरे उत्सव में मनोरंजन के लिए आयोजित पारंपरिक खेलों ने हर उम्र और वर्ग के बच्चों का खूब उत्साहित किया। रस्साकसी, रूमाल, झप्पट्टा, लैमन रेस, पेंटिंग, मेहंदी, वन और थ्री लेग रेस, साफा बंधन, नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताओं में सैकड़ों की संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिसमें विजेताओं को पुरस्कार वितरित किये गए।

