मेरठ 26 मार्च (आरएनएस) क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार को फर्जी फर्म से कई करोड़ की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के आरोप में सदर बाजार निवासी सर्वांग जैन को आबूलेन से गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी का कहना है कि आरोपी ने फर्जी फर्म बनाकर 20 से अधिक कंपनियों से लेन-देन दिखाया। 1.5 करोड़ की जीएसटी चोरी पुष्टि हो गई है, जांच अभी जारी है। ये रकम कई गुना अधिक होने की आशंका है।
राज्य कर अधिकारी रेखा रानी ने नंवबर 2025 में गंगानगर थाने में और 4 नवंबर 2025 को राज्य कर अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने ब्रह्मपुरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जीएसटी चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। क्राइम ब्रांच के निरीक्षक कुलदीप चौधरी ने मामले की जांच की। जांच के बाद इस मामले में सर्वांग जैन को गिरफ्तार किया गया। सर्वांग जैन की आबूलेन पर आरा मशीन बताई गई है।
आरोप है कि सर्वांग जैन ने इस मामले में अपने साथियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जी फर्म से बीस कंपनियों से लेन-देन दर्शाया। फर्जी बिल तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया गया। वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने आरोपी को लगभग 50 नोटिस भेजे थे। उसने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया था। इसके बाद यह कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने सात जून 2025 को ऐसी फर्जी फर्मों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गंगानगर थाने में मनीषा अग्रवाल और ब्रह्मपुरी थाने में सैफ उर रहमान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच में सर्वांग जैन का नाम सामने आया।
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