मुंगेली, 26 मार्च (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में एसीबी बिलासपुर की टीम ने गुरुवार को मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए रेंजर और डिप्टी रेंजर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
मिली जानकारी के अनुसार, सुरही रेंज में पदस्थ रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव ने चालान जल्द पेश कराने और जब्त वाहन छोडऩे के एवज में प्रार्थी से रिश्वत की मांग की थी। इस संबंध में लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी।
डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि दिसंबर 2025 में अजीत कुमार अपने साथियों के साथ सुरही रेंज गया था, जहां बनाई गई एक रील सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद वन विभाग ने वाहन जब्त कर लिया था और संबंधित लोग करीब 18 दिन जेल में रहे।
जेल से रिहा होने के बाद अजीत कुमार ने चालान जल्द पेश कराने के लिए डिप्टी रेंजर से संपर्क किया। इस दौरान उससे 4 से 5 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई और वाहन छोडऩे के लिए 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। 26 मार्च 2026 को प्रार्थी को कोटा स्थित मित्र मिलन रेस्टोरेंट भेजा गया, जहां उसने डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए। जैसे ही आरोपी ने राशि ली, एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान मौके पर रेंजर पल्लव नायक भी मौजूद थे। जांच में उनकी भूमिका भी संदिग्ध पाई गई और यह सामने आया कि उन्होंने भी रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने मनीष श्रीवास्तव से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मनीष श्रीवास्तव पर धारा 7, जबकि पल्लव नायक पर धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
एसीबी की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
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