सरगुजा, 29 मार्च (आरएनएस)। सरगुजा जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर एक महिला शिक्षिका को डराया और उससे 4 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। आरोपी अश्लील फोटो देखने के झूठे आरोप में गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे वसूलते रहे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मिडिल स्कूल कतकालो की शिक्षिका मंजुलिना के साथ हुई। 19 मार्च 2026 को परीक्षा ड्यूटी पूरी कर घर लौटते समय उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच रायपुर का अधिकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने इंटरनेट पर अश्लील सामग्री देखी है, जो कानूनन अपराध है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर बनाया शिकार ठगों ने शिक्षिका को तुरंत गिरफ्तारी की धमकी दी और कहा कि यदि वे बचना चाहती हैं, तो एक सिक्योरिटी मनी जमा करनी होगी, जो जांच पूरी होने के बाद लौटा दी जाएगी। इस धमकी से घबराकर शिक्षिका ठगों के झांसे में आ गईं। किस्तों में ट्रांसफर कराए पैसे डर के कारण शिक्षिका ने अलग-अलग दिनों में यूपीआई के माध्यम से कुल 4 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। 19 माचर्: 1,00,000 रुपये 20 माचर्: 90,000 रुपये 21 माचर्: 40,000 रुपये 22 माचर्: 45,000 रुपये 24 माचर्: 65,000 रुपये 25 माचर्: 50,000 रुपये बताया गया कि कुछ राशि उनके पति ने च्वाइस सेंटर के माध्यम से ट्रांसफर की। धमकी जारी रखी 25 मार्च को ठगों ने दोबारा कॉल कर कहा कि तीन दिन बाद पैसे वापस कर दिए जाएंगे। साथ ही यह भी धमकी दी कि यदि किसी को जानकारी दी गई तो उन्हें गिरफ्तार कर गंभीर नुकसान पहुंचाया जाएगा। शिक्षिका ने जब यह बात अपने सहयोगियों से साझा की, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज की स्नढ्ढक्र मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन मोबाइल नंबरों से कॉल आया, उनकी भी जांच की जा रही है। यह मामला साइबर अपराधियों के नए तरीकों को उजागर करता है, जिसमें वे सरकारी एजेंसी बनकर लोगों को डराकर ठगी करते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि इस तरह के कॉल से सतर्क रहें और किसी भी अज्ञात व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर न करें। सावधानी ही बचाव विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे नहीं मांगती। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करना चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर ठग लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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