लखनऊ 30 मार्च (आरएनएस ) उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय, लखनऊ द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए प्रदेश भर के आरक्षियों को मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। यह पदोन्नति उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा नियमावली, 2015 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है।जारी आदेश के अनुसार चयन वर्ष 2025-26 में उत्पन्न रिक्तियों के सापेक्ष कुल 2271 कार्मिकों को पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया था। इनमें से फरवरी 2026 तक उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर कुल 1582 आरक्षी नागरिक पुलिस को उनके वर्तमान नियुक्ति स्थान पर ही मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। यह आदेश उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा भेजे गए चयन परिणाम को पुलिस महानिदेशक द्वारा अनुमोदित किए जाने के बाद जारी किया गया।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नति प्राप्त सभी मुख्य आरक्षी अपने-अपने जनपद, इकाई, शाखा अथवा मुख्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे। कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सभी कर्मी दो वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि में रहेंगे। आवश्यकता पडऩे पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा परिवीक्षा अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है। सफलतापूर्वक परिवीक्षा अवधि पूर्ण करने के बाद नियमित नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए जाएंगे।इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि पदोन्नति प्राप्त सभी कर्मियों को मुख्य आरक्षी पद से संबंधित आधारभूत प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से उत्तीर्ण करना होगा। प्रशिक्षण पूरा न करने की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि पदोन्नति से पूर्व प्रत्येक आरक्षी से स्वहस्ताक्षरित घोषणा पत्र लिया जाएगा। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कोई विभागीय कार्यवाही, आपराधिक मुकदमा या निलंबन की स्थिति लंबित न हो। यदि किसी कर्मचारी द्वारा घोषणा पत्र में गलत जानकारी दी जाती है या तथ्य छिपाया जाता है, तो उसकी पदोन्नति निरस्त कर मूल पद पर पदावनत करने के साथ विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि सूची में शामिल कोई कर्मचारी अधिवर्षता, स्वैच्छिक अथवा अनिवार्य सेवानिवृत्ति, मृत्यु, पदच्युति या पूर्व में पदोन्नति प्राप्त कर चुका हो, तो ऐसे मामलों में पदोन्नति आदेश लागू नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि किसी कर्मचारी के विरुद्ध दंड एवं अपील नियमावली, 1991 के अंतर्गत कार्रवाई चल रही है, तो उसके मामले में भी पदोन्नति आदेश का क्रियान्वयन नहीं किया जाएगा।पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी पदोन्नति सूची को उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। सभी जनपदों एवं इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे सूची डाउनलोड कर अपने स्तर से पदोन्नति आदेश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करें और इसकी सूचना मुख्यालय को उपलब्ध कराएं।इस बड़े स्तर पर की गई पदोन्नति से प्रदेश भर के पुलिस कर्मियों में उत्साह का माहौल है और इससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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