लखनऊ 30 मार्च (आरएनएस ) जनपद के समस्त कीटनाशक विनिर्माता, स्टॉकिस्ट, वितरक, कम्पनी स्टॉक एवं सेल प्वाइंट, थोक एवं फुटकर कीटनाशक विक्रेता, एग्रीजंक्शन, एफपीओ, साधन सहकारी समितियों एवं पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर्स को सेल्फास (एल्युमिनियम फॉस्फाइड) के उपयोग और बिक्री को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियमावली 1971 के अंतर्गत सेल्फास के नियमन को लेकर यह निर्देश लागू किए गए हैं।जिला कृषि रक्षा अधिकारी महेश चन्द्र ने जानकारी देते हुए बताया कि एल्युमिनियम फॉस्फाइड (्ररुक्क), जिसे आम बोलचाल में सेल्फास कहा जाता है, एक अत्यंत खतरनाक और जानलेवा कीटनाशक है। इसके दुर्घटनावश प्रयोग से मानव जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है। इसी कारण भारत सरकार द्वारा इसकी बिक्री और उपयोग के लिए कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं।उन्होंने बताया कि सेल्फास प्रतिबंधित प्रयोग श्रेणी का रसायन है और इसका उपयोग केवल सरकार, सरकारी उपक्रमों, सरकारी संगठनों अथवा अधिकृत कीट नियंत्रण संचालकों द्वारा ही किया जा सकता है। यह कार्य भी केवल भारत सरकार के पादप संरक्षण सलाहकार द्वारा अनुमोदित विशेषज्ञों की निगरानी में ही किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एल्युमिनियम फॉस्फाइड 3 ग्राम की 10 एवं 20 गोलियों वाले ट्यूब पैक का उत्पादन, विपणन एवं उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही इसके घरेलू उपयोग और खुले में भंडारण पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई कीटनाशक विक्रेता सेल्फास का सामान्य उपयोग हेतु विक्रय करता पाया जाता है, तो उसका कीटनाशक लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के साथ दिए गए लेबल एवं लीफलेट का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें।कीटनाशी नियमावली-1971 की धारा-41 के अनुसार जहां भी कीटनाशक का निर्माण या भंडारण किया जाता है, वहां प्राथमिक चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था होना अनिवार्य है। सभी कीटनाशक विक्रेताओं एवं पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर्स को अपने प्रतिष्ठान पर बेचे जाने वाले कीटनाशकों के एंटीडोट पर्याप्त मात्रा में रखना आवश्यक होगा, ताकि किसी कर्मचारी के जहर के संपर्क में आने पर तत्काल उपचार शुरू किया जा सके।भारतीय मानक ब्यूरो (क्चढ्ढस्) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कीटनाशक विषाक्तता के मामलों में उपचार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सेल्फास के जहर का कोई विशिष्ट एंटीडोट उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसके उपयोग में विशेष सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।कृषि विभाग द्वारा सेल्फास के सुरक्षित उपयोग और इसके खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जनपद स्तर पर विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके और जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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