लखनऊ, 30 मार्च (आरएनएस ) । थाना हजरतगंज पुलिस ने छलपूर्वक धोखाधड़ी कर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत कराकर धन निकालने के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। गिरफ्तार आरोपी को पुलिस ने जनपद देवरिया से दबोचकर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की।पुलिस के अनुसार इस संबंध में 18 अगस्त 2022 को वादी अकुर सिंह, निवासी सहजपुरम, आईआईएम रोड, लखनऊ द्वारा तहरीर देकर बताया गया था कि उनकी जानकारी के बिना उनके खाते से धोखाधड़ी करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से ऋण स्वीकृत कराया गया और धनराशि निकाल ली गई। इस मामले में थाना हजरतगंज पर मु0अ0सं0 298/2022 धारा 420, 467, 468 और 471 भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मधुकर सिंह द्वारा की जा रही थी।जांच के दौरान इस प्रकरण में शामिल अन्य आरोपी फिदा मिर्जा, विकास कुरील और विवेक मिश्रा को पूर्व में ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। जबकि एक अन्य आरोपी आशुतोष तिवारी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। आरोपी लगातार स्थान बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था।पुलिस टीम द्वारा लगातार की जा रही सुरागरसी और पतारसी के आधार पर 30 मार्च 2026 को आरोपी आशुतोष तिवारी, पुत्र सुनील दत्त, निवासी ग्राम धन्धवार, पोस्ट रेवली, थाना लार, जनपद देवरिया एवं वर्तमान पता रेलवे कॉलोनी, गोरखपुर, उम्र 33 वर्ष को जनपद देवरिया से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर अन्य व्यक्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न बैंकों से ऋण स्वीकृत कराता था और प्राप्त धनराशि आपस में बांट लेता था।पुलिस के अनुसार आरोपियों का मुख्य उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बैंकों से ऋण प्राप्त कर अवैध रूप से धन अर्जित करना था। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध दर्ज मुकदमे में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।इस गिरफ्तारी में उपनिरीक्षक मधुकर सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार तथा कांस्टेबल अनुराग त्रिवेदी की पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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