चित्रकूट 30 मार्च (आरएनएस)। मृत्युकालीन बयान को सर्वाधिक महत्वपूर्ण करार देते हुए दहेज हत्या के मामले में त्वरित न्यायालय ने मृतका के सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को 10-10 हजार रुपये अर्थदण्ड से भी दण्डित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में पहाड़ी थाना के चैरा गांव के निवासी मुन्नीलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी गई तहरीर में शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने अपने बेटी प्रेमा की शादी भरकोर्रा गांव के निवासी विजय के साथ की थी। शादी के लगभग पांच-छह साल बाद दहेज में मोटरसाइकिल और 50 हजार रुपये की मांग को लेकर प्रेमा के ससुर रामप्रताप, सास लक्षमिनिया, पति विजय व ननद उत्पीडऩ लगे। साथ ही दहेज न मिलने के कारण 8 नवम्बर 2019 का सबेरे छह बजे मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। जिससे वह पूरी तरह झुलस गई और जिला अस्पताल में गंभीर हालत के चलते उसे रिफर कर दिया गया। प्रयागराज में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस मामले में मृतका ने मृत्युकालीन बयान में कहा था कि ससुर की मौजूदगी में सास व ननद ने मिट्टी का तेल डालकर उसे जलाया है। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को त्वरित न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर मृतका के ससुर रामप्रताप और सास लक्षमिनिया को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
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