सीतापुर 30 मार्च (आरएनएस)। नगरपालिका खैराबाद में सभासदों द्वारा लगाए गए आरोपों पर अब सियासत तेज हो गई है। अध्यक्ष प्रतिनिधि अभिषेक गुप्ता ‘बबलूÓ ने तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि आरोप लगाने वाले सभासदों की ही निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने नजूल भूमि के कथित घोटाले को मुद्दा बनाते हुए कहा कि सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार इन्हीं लोगों के कार्यकाल में हुआ है। अध्यक्ष प्रतिनिधि ने कहा कि पूर्व में नजूल की जमीन को अवैध रूप से बेचकर गरीबों के साथ बड़ा अन्याय किया गया, जिसका खामियाजा आज भी लोग भुगत रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सभासदों और उनके परिजनों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए गरीबों को गुमराह कर जमीन बेच डाली। इसी कारण खैराबाद के कई पात्र लोग प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से भी वंचित रह गए। अभिषेक गुप्ता ने साफ कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम बात है, लेकिन मैं खुद चाहता हूं कि पूरे मामले की जांच हो। साथ ही यह भी सामने आए कि किस तरह से नजूल भूमि का बंदरबांट किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार के अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान से भू-माफियाओं में बेचैनी है और इसी वजह से उन पर दबाव बनाने के लिए यह आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि नजूल भूमि को खाली कराकर उसे सार्वजनिक उपयोग में लाने का काम जारी रहेगा, चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मां गौरी देवी मंदिर के विकास कार्यों का भी कुछ सभासदों ने विरोध किया था और बाद में उन्हें माफी तक मांगनी पड़ी। अध्यक्ष प्रतिनिधि ने अंत में कहा कि खैराबाद में हो रहे विकास कार्य किसी से छिपे नहीं हैं और उन्हें किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। अब पूरे मामले में जांच की मांग तेज हो गई है और लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।
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