नई दिल्ली ,31 मार्च,। जब भी हम अपनी कार या बाइक में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए किसी पेट्रोल पंप पर जाते हैं, तो वहां मौजूद कर्मचारी सबसे पहले हमें मीटर में ‘जीरोÓ चेक करने के लिए कहता है। हम भी ‘0Ó देखकर पूरी तरह संतुष्ट हो जाते हैं कि हमारे वाहन में पूरा फ्यूल भर गया है और पैसे देकर वहां से निकल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जहां आपकी नजरें सिर्फ जीरो देखने में अटकी रहती हैं, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल पंप वाले आपकी जेब काटने का बड़ा खेल कर देते हैं और आपको इसकी भनक तक नहीं लगती। आइए आपको बताते हैं कि आखिर यह खेल कैसे होता है और अगली बार पेट्रोल पंप जाने पर आपको क्या सावधानी बरतनी चाहिए।
सिर्फ ‘जीरोÓ नहीं, इस मीटर पर भी रखनी होगी पैनी नजर
पेट्रोल पंप पर ग्राहकों को चूना लगाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी आए दिन इससे जुड़े वीडियो वायरल होते रहते हैं, जिनमें पेट्रोल पंप कर्मचारी खुद इस धांधली की सच्चाई बताते नजर आते हैं। दरअसल, असली खेल जीरो के मीटर में नहीं, बल्कि डेंसिटी (ष्ठद्गठ्ठह्यद्बह्ल4) के आंकड़े में होता है। आपने भी गौर किया होगा कि पेट्रोल पंप कर्मी आपको हमेशा जीरो देखने के लिए तो कहता है, लेकिन कभी डेंसिटी मीटर पर नजर डालने के लिए नहीं बोलता। डेंसिटी मीटर पर प्रदर्शित होने वाले आंकड़ों में हेरफेर करके ही ग्राहक को खुली आंखों के सामने ठगा जाता है।
आखिर क्या होता है डेंसिटी मीटर और क्यों है यह जरूरी?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि डेंसिटी मीटर होता क्या है। यह आपके वाहन में डाले जाने वाले पेट्रोल या डीजल की शुद्धता का सबसे बड़ा पैमाना होता है। यह बताता है कि जो फ्यूल आप डलवा रहे हैं वह कितना शुद्ध है या फिर उसमें मिलावट करके आपकी गाड़ी के इंजन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। सरकार की तरफ से इसके लिए मानक तय किए गए हैं। पेट्रोल की डेंसिटी 720 से 775 किलोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के बीच होनी चाहिए, जबकि डीजल के मामले में यह डेंसिटी 810 से 845 किलोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर निर्धारित की गई है। अगर आपके फ्यूल की डेंसिटी इस दायरे में नहीं है, तो समझ जाइए कि आपकी गाड़ी में मिलावटी तेल डाला जा रहा है।
मीटर की जंपिंग पर भी रखें खास ध्यान
डेंसिटी मीटर के अलावा जीरो वाले मीटर पर भी आपको एक खास चीज नोटिस करनी चाहिए। फ्यूल भरना शुरू होते ही अगर मीटर 0 से बढ़कर सीधे 10 पर पहुंच जाता है, तो समझ लीजिए कि उस मशीन में गड़बड़ी है और आपको चूना लगाया जा रहा है। सही मशीन में मीटर हमेशा 0 से शुरू होकर 3, 4, 5 जैसे छोटे नंबरों के साथ आगे बढ़ता है। मिलावटी तेल से न सिर्फ आपकी जेब कटती है, बल्कि आपकी महंगी गाड़ी का इंजन भी समय से पहले खराब हो सकता है।
पैनिक बायिंग के इस दौर में धोखाधड़ी से खुद को बचाएं
गौरतलब है कि इन दिनों अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ह्लह्म्ड्डद्बह्ल शद्घ ॥शह्म्द्वह्व5) बंद होने के कारण दुनियाभर में तेल का गहरा संकट पैदा हो गया है। पाकिस्तान और श्रीलंका समेत कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल आया है। भारत में भी मध्य प्रदेश से लेकर गुजरात और पंजाब तक के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़ और पैनिक बायिंग देखने को मिल रही है। हालांकि, सरकार और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, लेकिन घबराहट में की जाने वाली इस खरीदारी के दौरान फ्रॉड के चांस सबसे ज्यादा रहते हैं। ऐसे में पेट्रोल भराते समय ये सावधानियां अपनाना आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।
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