बलौदाबाजार 1 अप्रैल 2026(आरएनएस) थाना पलारी क्षेत्र के ग्राम बिनौरी में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जहां पारिवारिक रिश्तों के भीतर छिपी नफरत ने एक खौफनाक साजिश का रूप ले लिया और मृतक रामकुमार साय की उसकी ही पत्नी, बड़े भाई और एक रिश्तेदार ने मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी, घटना 29 मार्च की रात करीब 11 बजे से 30 मार्च की सुबह 2:30 बजे के बीच की है जब घर के खेत में सो रहे रामकुमार साय को योजनाबद्ध तरीके से गमछे से दबाकर मार डाला गया और हत्या को छुपाने के लिए उसी गमछे को पत्थर में बांधकर पास के कुएं में फेंक दिया गया, शुरुआत में मामला सामान्य मौत का लग रहा था लेकिन पत्नी मीना बाई साय की सूचना पर दर्ज मर्ग के बाद पुलिस ने जब शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया तो डॉक्टरों ने मौत को संदिग्ध और होमिसाइडल बताया, यहीं से जांच की दिशा बदल गई और थाना पलारी पुलिस ने बारीकी से हर एंगल खंगालना शुरू किया, संदेह के घेरे में आए मृतक की पत्नी मीना बाई साय, बड़े भाई महावीर साय और वैभव उर्फ अंशु बघेल को अलग-अलग बैठाकर मनोवैज्ञानिक और विश्लेषणात्मक पूछताछ की गई, पुलिस ने भावनात्मक और तकनीकी सवालों का ऐसा जाल बुना कि आरोपियों के बयान उलझने लगे और आखिरकार तीनों ने हत्या की साजिश कबूल कर ली, खुलासा हुआ कि रामकुमार साय शराब का आदी था और रोज नशे में घर आकर परिवार के लोगों के साथ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना करता था, यहां तक कि उसकी नीयत अपनी बेटी के प्रति भी खराब बताई गई, इसी वजह से पत्नी और भाई लंबे समय से परेशान थे और आखिरकार उन्होंने मिलकर हत्या की योजना बनाई, वारदात की रात तीनों ने मौके का फायदा उठाकर गमछे से गला दबाया और फिर सबूत मिटाने के लिए उसे कुएं में फेंक दिया, पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर कुएं से तीन गमछे और पत्थर बरामद किए, साथ ही घटना के समय उपयोग किए गए मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, मामले में पहले धारा 103(1) BNS के तहत अपराध दर्ज किया गया था लेकिन साजिश और सबूत छुपाने की पुष्टि के बाद धारा 61(2), 238(क), 3(5) BNS भी जोड़ी गई, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक आरोपी घटना के बाद रायपुर भाग गया था जिसे पुलिस ने रणनीति से तलब कर सच्चाई उजागर कराई, पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह व एसडीओपी अपूर्वा क्षत्रिय के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी परिवेश तिवारी और उनकी टीम ने अंजाम दी, वैज्ञानिक साक्ष्यों और फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से इस केस की हर कड़ी जोड़ी गई और अंततः 31 मार्च को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, इस पूरे हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी हैं—महावीर साय (40 वर्ष) निवासी ग्राम बिनौरी थाना पलारी, मीना बाई साय (36 वर्ष) निवासी ग्राम बिनौरी थाना पलारी और वैभव उर्फ अंशु बघेल (19 वर्ष) निवासी बिजराडीह थाना गिधपुरी, यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि उन रिश्तों के टूटने की कहानी है जहां घर ही सबसे खतरनाक जगह बन गया—संदेश साफ है, अपराध चाहे जितनी चालाकी से छुपाया जाए, सच देर-सवेर सामने आ ही जाता है।
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