राजनांदगांव 1 अप्रैल 2026( आरएनएस) बसंतपुर थाना क्षेत्र में एक ऐसा चौंकाने वाला ठगी रैकेट बेनकाब हुआ है जिसने शादी के नाम पर भरोसे को ही कारोबार बना लिया था, सृष्टि कॉलोनी में “लव लाईफ रिश्ते मैरिज ब्यूरो” के नाम से चल रहे इस फर्जी ऑफिस से युवकों को शादी का सपना दिखाकर लाखों रुपये ऐंठे जा रहे थे, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा को मिली गुप्त सूचना के बाद जब इस नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं तो सामने आया कि आरोपी इंटरनेट से युवतियों के फोटो डाउनलोड कर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे और व्हाट्सएप के जरिए युवकों को भेजकर उन्हें रिश्ते का झांसा देते थे, इसके बाद रजिस्ट्रेशन, पैकेज और फैमिली मीटिंग के नाम पर 30 से 40 हजार रुपये तक वसूले जाते थे और फिर अचानक संपर्क तोड़ दिया जाता था, प्रारंभिक जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन द्वारा की गई, अपराध की पुष्टि होते ही थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 135/2026 धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज कर टीम गठित की गई, थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर मौके से 07 एंड्रॉइड मोबाइल, 14 कीपैड मोबाइल और 09 रजिस्टर जब्त किए, मोबाइल की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ जहां 2286 युवतियों के फोटो डाउनलोड कर फर्जी आईडी बनाई गई थीं, बैंक खातों की जांच में पिछले एक साल में ₹37,69,000 का लेन-देन सामने आया जिससे इस ठगी के बड़े नेटवर्क का अंदाजा लगा, पूछताछ में आरोपियों ने संगठित तरीके से ठगी करना स्वीकार किया जिसके बाद उनके खिलाफ धारा 318(4), 61(2), 112(2), 319, 336(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता और 66-D आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, गिरफ्तार आरोपियों में नेहा पाठक (23 वर्ष) पिता शंकरनाथ पाठक निवासी लेबर कॉलोनी वार्ड नं.17 थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव और धर्मेन्द्र मानिकपुरी (32 वर्ष) पिता स्व. कमल दास मानिकपुरी निवासी ग्राम जंगलपुर थाना पंडातराई जिला कबीरधाम हाल मुकाम रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी थाना बसंतपुर राजनांदगांव शामिल हैं, दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय में पेश किया गया है जबकि इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है, इस पूरे ऑपरेशन में उप निरीक्षक देवदास भारती, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, महिला प्रधान आरक्षक मेनका साहू, सीमा जैन सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन मैरिज ब्यूरो या सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाले विवाह प्रस्तावों पर बिना सत्यापन के पैसे न दें, क्योंकि यह मामला साफ दिखाता है कि डिजिटल दौर में ठग अब रिश्तों के नाम पर भी जाल बुन रहे हैं—सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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